मंडी जिले में मानसून का कहर
मंडी जिले में मानसून ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, लेकिन जोगिंद्रनगर शहर में तैयारियां अभी अधूरी हैं। सोमवार देर रात हुई बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी, जिससे सड़कों पर तालाब जैसा पानी भर गया। वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जलभराव का मुख्य कारण
सरकाघाट सड़क पर नालियां बंद पड़ी होने के कारण बारिश का पानी निकास नहीं हो पाया। नगर परिषद ने नालियों से मिट्टी निकालने का काम शुरू किया है, लेकिन यह प्रयास अभी अपर्याप्त है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि हर साल यही समस्या होती है, लेकिन पहले से तैयारी नहीं की जाती।
पिछले साल का नुकसान
पिछली बरसात में लोक निर्माण विभाग को करीब 29.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। सड़कें, क्रेट और डंगे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस बार भी विभाग अलर्ट पर है, लेकिन अधूरी तैयारियों से स्थिति और बिगड़ सकती है।
अधिकारियों का बयान
लोक निर्माण विभाग के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता विनायक कश्यप ने बताया कि विभाग अलर्ट पर है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। एसडीएम मनीष चौधरी ने कहा कि आपदा की स्थिति में एसडीएम कार्यालय की हेल्पलाइन 01908-223895 और जिला टॉल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
क्या करें पाठक?
- बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहें।
- आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
FAQ
जोगिंद्रनगर में बारिश से क्या नुकसान हुआ?
सड़कों पर जलभराव हुआ, वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हुई। पिछली बरसात में लोक निर्माण विभाग को 29.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
आपदा की स्थिति में किस नंबर पर संपर्क करें?
एसडीएम कार्यालय की हेल्पलाइन 01908-223895 और जिला टॉल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
नगर परिषद ने क्या कार्रवाई की?
नगर परिषद ने नालियों से मिट्टी निकालने का काम शुरू किया है, लेकिन तैयारियां अभी अधूरी हैं।