मुख्य तथ्य
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की गगरेट नगर पंचायत में बुधवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव संपन्न हुआ। तीन बार स्थगित होने के बाद चौथी बैठक में यह चुनाव कराया गया। कांग्रेस समर्थित मंजू ठाकुर को लॉटरी के माध्यम से अध्यक्ष घोषित किया गया, जबकि भाजपा समर्थित विकास कालिया उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए।
चुनाव प्रक्रिया और परिणाम
सात वार्डों वाली इस नगर पंचायत में अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित था। चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार बबीता और कांग्रेस की मंजू ठाकुर के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। भाजपा के चार पार्षदों ने बबीता को वोट दिया, जबकि कांग्रेस समर्थित तीन पार्षदों के साथ स्थानीय विधायक राकेश कालिया ने भी मतदान किया। विधायक के एक मत से कांग्रेस उम्मीदवार को भी चार मत मिल गए, जिससे स्थिति बराबर हो गई।
समान मतों के बाद चुनाव अधिकारी ने नियमानुसार लॉटरी (पर्ची) का सहारा लिया। पर्ची में मंजू ठाकुर का नाम निकलने पर कांग्रेस समर्थकों ने जश्न मनाया। वहीं भाजपा खेमे में निराशा छाई, हालांकि पार्टी को उपाध्यक्ष पद मिल गया।
राजनीतिक महत्व
यह परिणाम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा के पास अधिक पार्षद होने के बावजूद वह अध्यक्ष पद नहीं जीत सकी। कांग्रेस की जीत में विधायक राकेश कालिया का मत निर्णायक रहा। अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अलग-अलग दलों के होने से नगर पंचायत के विकास कार्यों और राजनीति पर सभी की नजरें रहेंगी।
पृष्ठभूमि
गगरेट नगर पंचायत में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव पिछली तीन बार कोरम पूरा न होने के कारण स्थगित हो गया था। चौथी बैठक में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने से लंबे समय से चल रहा इंतजार खत्म हुआ और नगर पंचायत को नया नेतृत्व मिला।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गगरेट नगर पंचायत के अध्यक्ष कौन बने?
कांग्रेस समर्थित मंजू ठाकुर अध्यक्ष चुनी गईं।
उपाध्यक्ष पद पर किसने जीत हासिल की?
भाजपा समर्थित विकास कालिया उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए।
चुनाव में कितने मत पड़े और निर्णय कैसे हुआ?
दोनों उम्मीदवारों को 4-4 मत मिले, जिसके बाद लॉटरी से विजेता तय किया गया।
चुनाव क्यों स्थगित हुआ था?
कोरम पूरा न होने के कारण तीन बार चुनाव स्थगित किया गया था।