मुख्य तथ्य
तेलंगाना सरकार ने सोमवार (15 जून 2026) को हैदराबाद में सरकारी स्कूलों और जूनियर कॉलेजों के लिए 'नाश्ता योजना' (Breakfast Scheme) का शुभारंभ किया। यह योजना 2026-27 शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत के साथ लागू हुई। इस अवसर पर छात्रों को पाठ्यपुस्तकें और नोटबुक भी वितरित की गईं।
योजना का विवरण
नाश्ता योजना के तहत सोमवार से शनिवार तक विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ परोसे जाएंगे। एक ही वस्तु दो दिन दोहराई जा सकती है, जिसमें बाजरा आधारित भोजन शामिल है। साथ ही, दूध या रागी जावा भी दिया जाएगा।
चरणबद्ध कार्यान्वयन
यह योजना केंद्रीकृत रसोई के नेटवर्क के माध्यम से पूरे राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और जूनियर कॉलेजों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। पहले चरण में 1,302 संस्थानों को कवर किया जाएगा, जिनमें 33 जूनियर कॉलेज शामिल हैं। हरे कृष्णा मूवमेंट चैरिटेबल ट्रस्ट और मन्ना ट्रस्ट आठ जिलों में इस चरण को लागू करेंगे।
प्रभाव और उद्देश्य
हैदराबाद के प्रभारी मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने योजना का शुभारंभ करते हुए छात्रों से सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में नाश्ता और दोपहर का भोजन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पौष्टिक भोजन प्रदान किया जा रहा है ताकि छात्र शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहें।
छात्रों को क्या जानना चाहिए
- योजना सभी सरकारी स्कूलों और जूनियर कॉलेजों पर लागू होगी।
- नाश्ता मुफ्त प्रदान किया जाएगा।
- पहले चरण में 1,302 संस्थान शामिल हैं।
- भोजन में बाजरा और दूध/रागी जावा शामिल है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
तेलंगाना नाश्ता योजना कब शुरू हुई?
यह योजना 15 जून 2026 को हैदराबाद में लॉन्च की गई, जो 2026-27 शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत है।
इस योजना के तहत किन संस्थानों को कवर किया गया है?
पहले चरण में 1,302 सरकारी स्कूल और 33 जूनियर कॉलेज शामिल हैं, जो आठ जिलों में फैले हैं।
नाश्ते में क्या परोसा जाएगा?
सोमवार से शनिवार तक विभिन्न खाद्य पदार्थ परोसे जाएंगे, जिनमें बाजरा आधारित भोजन और दूध या रागी जावा शामिल है।
योजना को कौन लागू करेगा?
हरे कृष्णा मूवमेंट चैरिटेबल ट्रस्ट और मन्ना ट्रस्ट पहले चरण में आठ जिलों में योजना लागू करेंगे।
स्रोत: www.thehindu.com