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Kuki-Zo नेताओं ने नागा संघर्ष में हस्तक्षेप के लिए मिजोरम चर्च का दरवाजा खटखटाया

मुख्य तथ्य मणिपुर में कुकी-जो और तांगखुल नागा समुदायों के बीच चल रहे संघर्ष को सुलझाने के लिए कुकी नागरिक समाज समूहों ने मिजोरम के चर्च नेतृत्व से हस्तक्षेप की उम्मीद जताई है। कुकी जोनल…

मुख्य तथ्य

मणिपुर में कुकी-जो और तांगखुल नागा समुदायों के बीच चल रहे संघर्ष को सुलझाने के लिए कुकी नागरिक समाज समूहों ने मिजोरम के चर्च नेतृत्व से हस्तक्षेप की उम्मीद जताई है। कुकी जोनल काउंसिल (KZC) और कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने दिल्ली में केंद्र सरकार से भी मुलाकात की और मानवीय संकट को लेकर ज्ञापन सौंपा।

विस्तृत जानकारी

मिजोरम चर्च से संपर्क

KZC के अध्यक्ष हेनलिएंथांग थांगलेट ने बताया कि यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) से बातचीत के प्रयास विफल रहे हैं। अब कुकी-जो चर्च के प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को आइजोल में मिजोरम चर्च अधिकारियों से मिलेंगे। उन्हें उम्मीद है कि मिजोरम चर्च मणिपुर और नागालैंड के नागा चर्च नेतृत्व पर वार्ता के लिए दबाव बनाएगा।

दिल्ली में बैठकें

KZC और KIM ने सप्ताहांत और सोमवार को दिल्ली में केंद्र के पूर्वोत्तर वार्ताकार अजीत लाल और खुफिया ब्यूरो निदेशक महेश दीक्षित से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडलों ने गृह मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कुकी-बहुल क्षेत्रों में बिगड़ती सुरक्षा और मानवीय स्थिति का वर्णन किया गया।

मानवीय संकट

KZC के प्रवक्ता गिन्जा वुआलजोंग ने सोमवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कुकी-जो समुदाय की पीड़ा को पर्याप्त ध्यान नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि NSCN(IM) और अन्य सशस्त्र समूहों ने 15 कुकी-जो लोगों को मार डाला और 14 गांव जला दिए। कांगपोकपी जिले में कुकी गांवों में भोजन, दवा और ईंधन की कमी है। आधा बैग चावल 3,500 रुपये और एक लीटर पेट्रोल 250 रुपये में बिक रहा है।

राजनीतिक मांगें

KIM के अध्यक्ष च अजांग खोंगसाई ने कहा कि ज्ञापन में कुकी-जो लोगों के जीवन, संपत्ति और पैतृक भूमि की तत्काल सुरक्षा, हत्याओं और गांवों को जलाने की निष्पक्ष जांच, भोजन, दवा और ईंधन की आपूर्ति बहाली और स्थायी राजनीतिक समाधान की मांग की गई है। थांगलेट ने कहा कि वे मेइतेई और नागा दोनों समुदायों से बातचीत करने को तैयार हैं।

प्रभाव

यह संघर्ष मणिपुर में जातीय तनाव को और गहरा कर सकता है। कुकी-जो समुदाय अलग प्रशासनिक व्यवस्था की मांग कर रहा है। केंद्र सरकार पर मानवीय संकट को हल करने और स्थायी शांति के लिए राजनीतिक समाधान खोजने का दबाव है।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण

  • कुकी-जो और नागा समुदायों के बीच संघर्ष में अब तक 15 लोग मारे गए हैं और 14 गांव जलाए गए हैं।
  • कुकी नेताओं ने मिजोरम चर्च से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि शांति वार्ता शुरू हो सके।
  • केंद्र सरकार को मानवीय सहायता बहाल करने और राजनीतिक समाधान के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Kuki-Zo और नागा समुदायों के बीच संघर्ष क्यों हुआ?

जनवरी 2025 से नागा-कुकी संघर्ष में 15 कुकी-जो लोग मारे गए और 14 गांव जलाए गए। यह 1990 के दशक के संघर्ष के बाद फिर से भड़का।

Kuki-Zo नेताओं ने मिजोरम चर्च से क्या अनुरोध किया?

उन्होंने मिजोरम चर्च से नागा चर्च नेतृत्व पर दबाव बनाने का अनुरोध किया ताकि शांति वार्ता शुरू हो सके।

केंद्र सरकार को दिए गए ज्ञापन में क्या मांगें शामिल थीं?

जीवन और संपत्ति की सुरक्षा, हत्याओं की निष्पक्ष जांच, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बहाली और स्थायी राजनीतिक समाधान की मांग की गई।

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