मुख्य तथ्य
केरल के लोक निर्माण मंत्री पी.के. बशीर ने कहा कि भूमि अधिग्रहण में देरी को कम करने के लिए एक व्यावहारिक और सामुदायिक-समावेशी दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, जिसमें स्थानीय लोगों और निर्वाचित प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। वे तिरुवनंतपुरम में KSCSTE - राष्ट्रीय परिवहन योजना और अनुसंधान केंद्र (NATPAC) की 50वीं वर्षगांठ के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।
विस्तार से जानकारी
मंत्री बशीर ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) और NATPAC के बीच संचार को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला ताकि राज्य भर में सड़क और चौराहा सुधार कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के अनुसंधान संस्थानों जैसे NATPAC की विशेषज्ञता का लाभ उठाना बुनियादी ढांचा क्षेत्र में तकनीकी परिवर्तन लाने के लिए महत्वपूर्ण है।
NATPAC की स्वर्ण जयंती और पहल
KSCSTE-NATPAC की निदेशक अशालता आर. ने स्वागत भाषण में टिकाऊ, स्मार्ट और सुरक्षित गतिशीलता नेटवर्क को बढ़ावा देने वाली नीतियां तैयार करने की संस्था की प्रतिबद्धता दोहराई। KSCSTE के सदस्य सचिव पी. हरिनारायणन ने संस्थान के भविष्य के अनुसंधान रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ केरल के पहाड़ी और तटीय राजमार्गों के विकास में NATPAC की ऐतिहासिक भूमिका को स्वीकार किया और 'विकसित भारत 2047' विजन के अनुरूप युवा वैज्ञानिकों की विशेषज्ञता का उपयोग करके केंद्र को उन्नत करने का वादा किया।
समारोह के दौरान तीन प्रमुख स्वर्ण जयंती पहल शुरू की गई:
- स्वर्ण जयंती लोगो: मंत्री द्वारा जारी किया गया, जो परिवहन अनुसंधान में पांच दशकों की उत्कृष्टता का प्रतीक है।
- गतिविधि कैलेंडर: तिरुवनंतपुरम निगम पार्षद के.आर. क्लीटस द्वारा जारी, जिसमें वर्ष भर के वैज्ञानिक और तकनीकी कार्यक्रमों का संकलन है।
- 'TRANSFORM 2026' लोगो: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के निदेशक बिदुर कांत झा द्वारा जारी, जो सुरक्षित और टिकाऊ परिवहन पर NATPAC के आगामी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का प्रतीक है।
पैनल चर्चा और विशेषज्ञ राय
उद्घाटन सत्र के बाद 'केरल ऑन द मूव: शेपिंग फ्यूचर मोबिलिटी फॉर 2047' विषय पर एक पैनल चर्चा हुई, जिसका संचालन NATPAC के पूर्व निदेशक टी. एलांगोवन ने किया।
FAQ
केरल में भूमि अधिग्रहण में देरी का मुख्य कारण क्या है?
मंत्री पी.के. बशीर के अनुसार, भूमि अधिग्रहण में देरी का मुख्य कारण स्थानीय समुदाय और जनप्रतिनिधियों को पर्याप्त रूप से शामिल न करना है। उन्होंने एक व्यावहारिक और सामुदायिक-समावेशी दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।
NATPAC की 50वीं वर्षगांठ पर क्या पहल शुरू की गई?
समारोह के दौरान तीन प्रमुख स्वर्ण जयंती पहल शुरू की गई: स्वर्ण जयंती लोगो, एक गतिविधि कैलेंडर, और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'TRANSFORM 2026' का लोगो।
विकसित भारत 2047 के साथ NATPAC का क्या संबंध है?
NATPAC के सदस्य सचिव पी. हरिनारायणन ने कहा कि संस्थान युवा वैज्ञानिकों की विशेषज्ञता का उपयोग करके 'विकसित भारत 2047' विजन के अनुरूप केंद्र को उन्नत करने के लिए पूर्ण संस्थागत सहायता प्रदान करेगा।