मुख्य तथ्य
हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के बेड़े में 50 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल होने जा रही हैं। ये बसें दूसरे चरण के तहत विभिन्न डिपो को आवंटित की जाएंगी। पहले चरण में 150 इलेक्ट्रिक बसें पहले ही शामिल की जा चुकी हैं। कुल 297 इलेक्ट्रिक बसों में से 200 बसें पहुंच चुकी हैं।
विस्तार से जानकारी
HRTC के कई डिपो, विशेषकर हमीरपुर, शिमला और सोलन में लंबे समय से बसों की कमी महसूस की जा रही है। स्थानीय विधायकों और मंत्रियों ने भी अपने क्षेत्रों के लिए नई बसों की मांग उठाई है। नई इलेक्ट्रिक बसों से पुरानी और अधिक रखरखाव वाली बसों पर निर्भरता कम होगी, डीजल की खपत घटेगी और परिचालन लागत में कमी आएगी।
प्रभाव और लाभ
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण कम करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के सरकार के लक्ष्य को बल मिलेगा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जा रहा है, ताकि बसों का संचालन बिना बाधा के हो सके। जिन डिपो में चार्जिंग स्टेशन स्थापित हो चुके हैं, वहां बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह कदम हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को अधिक विश्वसनीय और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। दूरदराज और व्यस्त रूटों पर बस सेवा में सुधार होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
HRTC में कुल कितनी इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी?
HRTC में कुल 297 इलेक्ट्रिक बसें शामिल होनी हैं, जिनमें से 200 पहुंच चुकी हैं। दूसरे चरण में 50 और बसें जुड़ेंगी।
नई इलेक्ट्रिक बसें किन जिलों को मिलेंगी?
हमीरपुर, शिमला और सोलन जैसे डिपो को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां बसों की कमी है।
इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कैसे होगा?
चार्जिंग स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जा रहा है, जिन डिपो में चार्जिंग सुविधा है, वहां बसें तैनात की जाएंगी।
इलेक्ट्रिक बसों से HRTC को क्या लाभ होगा?
पुरानी डीजल बसों पर निर्भरता कम होगी, परिचालन लागत घटेगी और प्रदूषण में कमी आएगी।