पुनर्मूल्यांकन ने बदली किस्मत
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) की 12वीं कक्षा के परिणामों में एक प्रेरणादायक मामला सामने आया है। ऊना जिले के पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुंदला की छात्रा मुस्कान ठाकुर ने पुनर्मूल्यांकन के बाद कॉमर्स संकाय में प्रदेश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रारंभिक परिणाम में मुस्कान 488 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर थीं, लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के बाद उनके अंक बढ़कर 494 हो गए, जो कॉमर्स संकाय के पिछले टॉपर से भी अधिक हैं।
सीमित संसाधनों में बड़ी उपलब्धि
मुस्कान के पिता सुभाष चंद अमृतसर में हलवाई का काम करते हैं, जबकि माता मीना कुमारी गृहिणी हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने मुस्कान की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। मुस्कान ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि पिता ने सीमित संसाधनों में भी बेहतर शिक्षा दिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
स्कूल और जिले के लिए गर्व
विद्यालय के प्रधानाचार्य किशोरी लाल ने कहा, 'यह पूरे विद्यालय, क्षेत्र और जिला ऊना के लिए गर्व का विषय है। मुस्कान की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।' मुस्कान का सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित होकर समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग की सेवा करना है।
क्या है पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया?
HPBOSE द्वारा छात्रों को उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन का अवसर दिया जाता है। इसमें छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन करवा सकते हैं। मुस्कान के मामले में इस प्रक्रिया ने न केवल उनके अंक बढ़ाए बल्कि उन्हें राज्य स्तर पर प्रथम स्थान दिलाया।
अन्य छात्रों के लिए सीख
- पुनर्मूल्यांकन का अवसर न चूकें: यदि आपको अपने अंकों पर संदेह है, तो पुनर्मूल्यांकन करवाना फायदेमंद हो सकता है।
- कड़ी मेहनत और लगन से सफलता मिलती है: मुस्कान की तरह सीमित संसाधनों में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।
- माता-पिता और शिक्षकों का सहयोग महत्वपूर्ण: परिवार और शिक्षकों के मार्गदर्शन से छात्र अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
मुस्कान ठाकुर ने HPBOSE 12वीं में कितने अंक प्राप्त किए?
मुस्कान ने पुनर्मूल्यांकन के बाद 494 अंक प्राप्त किए, जो कॉमर्स संकाय में सर्वाधिक हैं।
मुस्कान के पिता क्या करते हैं?
मुस्कान के पिता सुभाष चंद अमृतसर में हलवाई का काम करते हैं।
मुस्कान का भविष्य का लक्ष्य क्या है?
मुस्कान IAS अधिकारी बनकर समाज के कमजोर वर्ग की सेवा करना चाहती हैं।
यह सफलता किस जिले के लिए गर्व की बात है?
यह उपलब्धि ऊना जिले के लिए गर्व का विषय है।