मुख्य तथ्य
चंबा जिले में बुधवार सुबह दुर्गेठी के पास भूस्खलन के कारण पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे करीब एक घंटे तक बंद रहा। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, भरमौर उपमंडल में हुई बारिश ने बिजली और सड़क व्यवस्था को चरमरा दिया।
भूस्खलन का विवरण
सुबह करीब सात बजे दुर्गेठी के समीप हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलने पर एनएचएआई की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और साढ़े सात बजे बहाली का कार्य शुरू किया। आठ बजे तक हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। इस घटना के कारण जिला मुख्यालय जाने वाली सरकारी और निजी बसें एक घंटा विलंब से पहुंचीं।
भरमौर में बारिश का कहर
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि अधिकतर बारिश भरमौर उपमंडल में हुई है। इस क्षेत्र में करीब 15 विद्युत ट्रांसफार्मर ठप हो गए, जिससे लगभग 80 गांवों में अंधेरा छा गया। इसके अलावा, चार संपर्क मार्ग भी बंद हो गए, जिन्हें बहाल करने का कार्य जारी है।
राहत की खबर: पेयजल आपूर्ति बहाल
राहत की बात यह है कि जल शक्ति विभाग ने जिले की सभी पेयजल योजनाओं को बहाल करने में सफलता पाई है। इससे जल संकट के आसार पूरी तरह खत्म हो गए हैं। उपायुक्त ने कहा कि व्यवस्था बहाली का कार्य तेजी से चल रहा है और जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी।
क्या करें पाठक?
- भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में यात्रा करने से बचें।
- बिजली आपूर्ति बहाल होने तक जनरेटर या इनवर्टर का उपयोग करें।
- पेयजल की कोई कमी नहीं है, फिर भी पानी का संचय करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
दुर्गेठी के पास भूस्खलन कब हुआ?
बुधवार, 08 जुलाई 2026 को सुबह सात बजे दुर्गेठी के समीप भूस्खलन हुआ, जिससे पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे बंद हो गया।
हाईवे कब बहाल हुआ?
एनएचएआई की टीम ने साढ़े सात बजे बहाली का कार्य शुरू किया और आठ बजे हाईवे वाहनों के लिए खोल दिया गया।
भूस्खलन से कितने गांव प्रभावित हुए?
भरमौर क्षेत्र में 15 विद्युत ट्रांसफार्मर ठप होने से लगभग 80 गांव अंधेरे में रहे। चार संपर्क मार्ग भी बंद हुए।
पेयजल आपूर्ति पर क्या असर हुआ?
जल शक्ति विभाग ने सभी पेयजल योजनाओं को बहाल कर दिया, जिससे जल संकट के आसार खत्म हो गए।