कार्यक्रम का आयोजन और उद्देश्य
कांगड़ा जिले के गरली पंचायत में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से अंतरपीढ़ीगत जुड़ाव विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई और पुरानी पीढ़ी के बीच संवाद, आपसी सम्मान और भावनात्मक संबंधों को मजबूत करना था। कार्यक्रम में बुजुर्गों और बच्चों ने एक साथ खेल खेले, भजन गाए और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां
कार्यक्रम के दौरान बच्चों और बुजुर्गों ने सांप-सीढ़ी, कैरम और लूडो जैसे खेल खेले। इसके अलावा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गरली के विद्यार्थियों ने अंतरपीढ़ीगत जुड़ाव विषय पर भाषण प्रस्तुत किए। वरिष्ठ नागरिकों ने पारंपरिक भजन-गीत गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। खेल प्रतियोगिताओं में दोनों पीढ़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आपसी तालमेल का प्रदर्शन किया।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय पंचायत प्रधान सूरज राणा उपस्थित रहे। तहसील कल्याण अधिकारी संजय मेहरा ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, उनके सम्मान और देखभाल पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और बुजुर्गों का सम्मान करने का संदेश दिया। इस अवसर पर उपप्रधान अजीत सिंह, पंचायत सदस्य, स्कूल के प्रधानाचार्य अनिरुद्ध शर्मा, प्रवक्ता विशाल सूद, वृद्धाश्रम नाहन नगरोटा की संचालिका रीता देवी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का प्रभाव
इस तरह के आयोजनों से पीढ़ियों के बीच की दूरी कम होती है और सामाजिक सद्भाव बढ़ता है। बुजुर्गों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है, जबकि बच्चे उनसे सीखते हैं और उनके प्रति सम्मान विकसित करते हैं। यह कार्यक्रम समाज में अंतरपीढ़ीगत संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
गरली में अंतरपीढ़ीगत जुड़ाव कार्यक्रम किसने आयोजित किया?
यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में कौन-कौन से खेल खेले गए?
बच्चों और बुजुर्गों ने सांप-सीढ़ी, कैरम और लूडो जैसे खेल खेले।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
मुख्य उद्देश्य नई और पुरानी पीढ़ी के बीच संवाद, आपसी सम्मान और भावनात्मक संबंधों को मजबूत करना था।
मुख्य अतिथि कौन थे?
स्थानीय पंचायत प्रधान सूरज राणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।