मानसून की पहली बारिश ने उघाड़ी पीडब्ल्यूडी और पंचायतों की पोल
कांगड़ा जिले में मानसून की पहली तेज बारिश ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और पंचायतों की तैयारियों की असलियत सामने ला दी है। सोमवार और मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद जिले की कई मुख्य सड़कें और ग्रामीण संपर्क मार्ग घंटों पानी में डूबे रहे, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
जलभराव से प्रभावित क्षेत्र
सबसे ज्यादा जलभराव पुराना मटौर, बगली रोड और गगल क्षेत्रों में देखा गया। इसके अलावा जमानाबाद पंचायत के कोटक्वाला, हलेड़कलां, बीरता और मटौर में भी नालियों का पानी सीधे सड़कों पर बहने लगा, जिससे सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण वाहनों की रफ्तार रेंगने पर मजबूर हो गई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों पर कीचड़ फैलने से पैदल चलना भी दूभर हो गया।
स्थानीय निवासियों ने जताई नाराजगी
प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों राम कुमार, सागर, संदीप कुमार, लेख राज, संजीव कुमार और लोकू राम ने कहा कि अगर समय रहते नालियों की सफाई और जल निकासी के स्थायी इंतजाम किए गए होते, तो यह स्थिति नहीं बनती। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू किए जाएं और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी उपाय किए जाएं।
पीडब्ल्यूडी का जवाब: कर्मियों की कमी से हुई देरी
पीडब्ल्यूडी कांगड़ा-चंबा के मुख्य अभियंता विकास सूद ने बताया कि बारिश के मौसम से पहले सभी उपमंडलों को नालियां दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने स्वीकार किया कि विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों (सफाईकर्मियों) की कमी के कारण सफाई कार्य में देरी हुई है। उन्होंने कहा कि जहां भी कमी रह गई है, उसे अब ठीक करवा दिया जाएगा।
क्या करें प्रभावित निवासी?
- जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और गड्ढों से बचें।
- कीचड़ भरे रास्तों पर पैदल चलने से बचें, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को।
- नालियों की सफाई और जल निकासी की समस्या की सूचना तुरंत संबंधित पंचायत या पीडब्ल्यूडी कार्यालय को दें।
- बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
कांगड़ा में जलभराव से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र कौन से हैं?
पुराना मटौर, बगली रोड, गगल, जमानाबाद पंचायत के कोटक्वाला, हलेड़कलां, बीरता और मटौर क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
जलभराव का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?
नालियों की सफाई न होना और जल निकासी की उचित व्यवस्था का अभाव मुख्य कारण है। पीडब्ल्यूडी ने सफाईकर्मियों की कमी भी स्वीकार की है।
प्रशासन ने इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए हैं?
पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता विकास सूद ने बताया कि बारिश से पहले नालियां दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे और अब कमियों को जल्द ठीक किया जाएगा।