प्रमुख तथ्य
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के बाद व्यापक हिंसा भड़क गई। यह घटना सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के लिए कानून-व्यवस्था की पहली बड़ी चुनौती बन गई है। पीड़िता का शव रविवार को एक तालाब से बरामद हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने सड़कें जाम कर दीं, पुलिस वाहनों में आग लगा दी और रेलवे ट्रैक ब्लॉक करने का प्रयास किया। भीड़ ने एक संदिग्ध आरोपी की हत्या कर दी।
सरकार की प्रतिक्रिया और कार्रवाई
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस अपराध को 'भयावह' बताते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। उन्होंने कहा कि दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और तीन अन्य को हिरासत में लिया गया है। अधिकारी ने वादा किया कि दोषियों को फांसी की सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने सोमवार को मीडिया को बताया, 'हम पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देंगे। उन्हें न्याय मिलेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना से जुड़े चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें भीड़ द्वारा हत्या और पुलिस वाहनों में आग लगाना शामिल है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके घर के पास सभी सड़कें पुलिस और केंद्रीय बलों ने ब्लॉक कर दी हैं। टीएमसी के एक प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। वहीं, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजुमदार ने कहा कि दोषियों को अधिकतम सजा दी जाएगी और विपक्ष पर घटना को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया। राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे 15 साल के शासन में पीड़ितों से मिलने नहीं गईं, लेकिन अब BJP सरकार के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रही हैं।
विपक्ष का रुख
टीएमसी की सांसद सागरिका घोष ने BJP सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आरजी कर मामले में 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार हो गया था, लेकिन अब मीडिया चुप है। वहीं, जादवपुर से सांसद सायोनी घोष ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि उन्होंने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। CPI(M) ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की और पुलिस को अक्षम बताया।
आगे की राह
मुख्यमंत्री अधिकारी मंगलवार को बारुईपुर का दौरा करेंगे और पुलिस की भूमिका की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। इस बीच, बारुईपुर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और तीन थानों के अधिकार क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बारुईपुर घटना में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है और तीन अन्य को हिरासत में लिया है। मुख्यमंत्री ने SIT गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।
ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने क्यों नहीं दिया गया?
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस और केंद्रीय बलों ने उनके घर के पास सड़कें ब्लॉक कर दीं, जिससे वे पीड़ित परिवार से मिलने नहीं जा सकीं। सरकार ने कहा कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखना चाहते हैं।
इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने के आरोप किसने लगाए?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजुमदार ने ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और CPI(M) पर घटना को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया।