हिमाचल प्रदेश के धaramsala शहर में स्थित एक कॉलेज में एक 19 वर्षीय छात्र की मौत के मामले में UGC की एक फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी ने सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने और सक्रिय निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया है।
पृष्ठभूमि और कमिटी की सिफारिशें
इस कमिटी का गठन 3 जनवरी को किया गया था, जिसने छात्र की मौत से जुड़ी घटनाओं की जांच की और कॉलेज के छात्र कल्याण से संबंधित UGC नियमों का पालन करने की समीक्षा की। छात्र ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो में एक प्रोफेसर द्वारा ‘बद टच’ और साथी छात्रों द्वारा रैगिंग का आरोप लगाया था। बाद में एक प्रोफेसर और तीन छात्राओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
कमिटी ने रैगिंग विरोधी नियमों, यौन उत्पीड़न रोकथाम नियमों और शिकायत निवारण तंत्र जैसे UGC नियमों के सख्त पालन पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि सांविधिक निकायों को केवल प्रतीकात्मक नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें ठीक से गठित किया जाना चाहिए, नियमित रूप से बैठकें आयोजित करनी चाहिए, रिकॉर्ड बनाए रखने चाहिए और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य और समर्थन प्रणाली
मानसिक स्वास्थ्य इस पूरे मामले में एक मुख्य चिंता का विषय है। कमिटी की 18 सिफारिशें छात्रों के कल्याण को प्रवेश के समय से ही ट्रैक करने की आवश्यकता पर जोर देती हैं। कमजोर छात्रों की पहचान, विशेष रूप से जो अकादमिक या भावनात्मक तनाव में हैं, को महत्वपूर्ण माना गया है। कमिटी ने समय पर अकादमिक सहायता और मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि संकटों को रोका जा सके।
उन्होंने एक समर्पित काउंसलिंग केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव किया है जिसमें प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक और समर्थन कर्मचारी हों। एक अनिवार्य मेंटर-मेंटी प्रणाली को भी आवश्यक माना गया है ताकि संकाय और छात्रों के बीच निरंतर जुड़ाव सुनिश्चित किया जा सके। नियमित मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सुझाव दिया गया है ताकि एक अधिक सहानुभूतिपूर्ण कैंपस वातावरण बनाया जा सके।
शिकायत निवारण और सुरक्षा
शिकायत निवारण के मामले में, कमिटी ने खामियों को उजागर किया है और पारदर्शी, सुलभ और समयबद्ध प्रणालियों के लिए दबाव डाला है। संस्थान के प्रमुख द्वारा नियमित समीक्षा पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा है कि मुख्य निकायों में छात्र प्रतिनिधियों को शामिल करने से विश्वास को फिर से स्थापित करने और प्रतिक्रिया में सुधार करने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा, उन्होंने पर्याप्त सुरक्षा कर्मचारी, व्यापक CCTV कवरेज और महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए नियमित संवेदनशीलता कार्यक्रमों की मांग की है, जिनमें SC/ST समुदाय, OBC, अल्पसंख्यक शामिल हैं।
इन सिफारिशों का उद्देश्य कॉलेज परिसर में एक सुरक्षित और समर्थनकारी वातावरण बनाना है, जहां छात्र अपनी शिक्षा और विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
English Summary: The UGC fact-finding panel has called for tougher safeguards and active oversight at Dharamsala College Campus following the death of a 19-year-old student. The panel has recommended strict enforcement of UGC regulations, including anti-ragging norms and sexual harassment prevention rules. It has also emphasized the need for a dedicated counseling center, a mentor-mentee system, and regular mental health awareness drives. The panel has stressed the importance of transparent and accessible grievance redressal mechanisms and adequate security personnel. META: हिमाचल प्रदेश के धарамसाला कॉलेज में छात्र की मौत के बाद UGC कमिटी ने सुरक्षा और शिकायत निवारण प्रणाली में सुधार की सिफारिशें की हैं।