प्रमुख तथ्य
शिवमोग्गा शहर के कई हिस्सों में पेयजल आपूर्ति बाधित होने से निवासियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या कृष्णराजेंद्र जल उपचार संयंत्र में तकनीकी खराबी के कारण उत्पन्न हुई है। इंजीनियरों और श्रमिकों की एक टीम मरम्मत कार्य में जुटी है, और अगले कुछ दिनों में जलापूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।
विस्तृत जानकारी
8 जुलाई, 2026 को शिवमोग्गा नगर निगम और कर्नाटक शहरी जल आपूर्ति एवं जल निकासी बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि क्लेरिफ्लोक्यूलेटर में रिसाव हो गया है, जो जल उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मरम्मत पूरी होने तक कुछ क्षेत्रों में जलापूर्ति बाधित रहेगी।
प्रतिदिन गजनूर स्थित तुंगा जलाशय से 84 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) पानी उठाया जाता है। इसमें से 22 MLD पानी का उपचार करने वाले संयंत्र में तकनीकी खराबी आ गई है, जिसके कारण तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है।
प्रभाव और राहत प्रयास
शिवमोग्गा के विधायक एस.एन. चन्नबसप्पा ने 10 जुलाई, 2026 को संयंत्र का दौरा किया और मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पेयजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन मरम्मत कार्य के कारण आपूर्ति बाधित हुई है। उन्होंने कहा, "संयंत्र की मशीनरी काफी पुरानी है और कुछ पाइपलाइनों में जंग लग गया है। लगभग 45 लोग मशीनरी की बहाली और सामान्य जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं।"
शिवमोग्गा नगर निगम ने प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की है। वहीं, कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य बलखीस बानू ने उपायुक्त प्रभुलिंगा कवलिकट्टी से मुलाकात कर प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- प्रभावित क्षेत्रों के निवासी टैंकरों से पानी प्राप्त कर सकते हैं।
- मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है और जल्द ही सामान्य आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है।
- नगर निगम द्वारा जारी अपडेट पर ध्यान देते रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शिवमोग्गा में जलापूर्ति क्यों बाधित हुई?
कृष्णराजेंद्र जल उपचार संयंत्र में क्लेरिफ्लोक्यूलेटर में रिसाव के कारण जलापूर्ति बाधित हुई है।
जलापूर्ति सामान्य होने में कितना समय लगेगा?
मरम्मत कार्य जारी है और अगले कुछ दिनों में जलापूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।
प्रभावित क्षेत्रों में पानी की व्यवस्था कैसे की जा रही है?
शिवमोग्गा नगर निगम द्वारा टैंकरों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।