मुख्य तथ्य
हैदराबाद के एक 35 वर्षीय कारोबारी ने आरोप लगाया है कि एक अमेरिका स्थित कारोबारी ने जाली दस्तावेज पेश करके FIFA विश्व कप 2026 के प्रसारण अधिकारों की बोली में उन्हें धोखा दिया। तेलंगाना पुलिस की सेंट्रल क्राइम स्टेशन (CCS) ने इस मामले में धोखाधड़ी और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला दर्ज किया है।
पूरा मामला
मेटलॉइड प्रोडक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक प्रीतिश कोल्लाटी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि अमेरिका स्थित कारोबारी दीपक म्हस्के (जिसे सैम म्हस्के के नाम से भी जाना जाता है) ने उनकी कंपनी को FIFA विश्व कप 2026 के प्रसारण अधिकारों की बोली से बाहर कर दिया। कोल्लाटी के अनुसार, मेटलॉइड ने सितंबर 2025 में FIFA को 70.57 मिलियन डॉलर (लगभग 670 करोड़ रुपये) की बोली प्रस्तुत की थी, जिसे FIFA ने स्वीकार कर लिया था। हालांकि, भारत के राष्ट्रीय प्रसारक के साथ शुरुआती समझौता नियामक मंजूरी और आंतरिक बाधाओं के कारण विफल हो गया।
इसके बाद, कोल्लाटी ने निवेशकों की तलाश शुरू की, जिस दौरान एक आपसी परिचित ने उनका परिचय म्हस्के से कराया। म्हस्के ने खुद को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार और FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से करीबी रिश्ते रखने वाला बताया। उसने कथित तौर पर इन हस्तियों के साथ अपनी तस्वीरें और वीडियो दिखाए, जिसमें इन्फेंटिनो के साथ लाइव इंटरैक्शन भी शामिल था।
इन दावों के आधार पर, मेटलॉइड ने म्हस्के की फर्म अवनी एलएलसी के साथ एक नॉन-सर्कमवेंशन समझौता और टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए, जिसमें 50 मिलियन डॉलर के निवेश का प्रस्ताव था। लेकिन जब म्हस्के ने FIFA को वित्तीय दस्तावेज प्रस्तुत किए, तो FIFA की ड्यू डिलिजेंस प्रक्रिया में ये दस्तावेज जाली या असत्यापित पाए गए।
प्रभाव और नुकसान
कोल्लाटी का कहना है कि इस धोखाधड़ी के कारण मेटलॉइड को लगभग 2 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ, साथ ही प्रतिष्ठा को भी आघात पहुंचा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर FIFA ने राजस्व हानि के लिए मुकदमा दायर किया, तो उनकी कंपनी को कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। CCS के उपायुक्त चैतन्य कुमार के अनुसार, कोल्लाटी ने कुल नुकसान कम से कम 800 मिलियन डॉलर आंका है।
पुलिस कार्रवाई
CCS ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला दर्ज किया है। डीसीपी चैतन्य कुमार ने बताया कि म्हस्के के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं है, और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया जाएगा। यह प्रत्यर्पण की दिशा में पहला कदम होगा।
FAQ
FIFA World Cup 2026 प्रसारण अधिकारों में धोखाधड़ी का मामला क्या है?
हैदराबाद के कारोबारी प्रीतिश कोल्लाटी ने आरोप लगाया है कि अमेरिका स्थित कारोबारी दीपक म्हस्के ने जाली दस्तावेज पेश करके उनकी कंपनी को FIFA विश्व कप 2026 के प्रसारण अधिकारों की बोली से बाहर कर दिया, जिससे 2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
तेलंगाना पुलिस ने धोखाधड़ी और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला दर्ज किया है और आरोपी दीपक म्हस्के के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने की तैयारी है, जो प्रत्यर्पण की दिशा में पहला कदम होगा।
आरोपी दीपक म्हस्के ने कैसे धोखा दिया?
म्हस्के ने खुद को ट्रंप परिवार और FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से करीबी रिश्ते रखने वाला बताया और फर्जी फोटो व वीडियो दिखाकर 50 मिलियन डॉलर के निवेश का वादा किया, लेकिन बाद में उसके दस्तावेज जाली पाए गए।