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Rguhs ने विवादित मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन को मानद डॉक्टरेट देने का फैसला किया

मुख्य तथ्य राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RGUHS) ने राजाराजेश्वरी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल, बेंगलुरु, श्री चामुंडेश्वरी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और रिसर्च इंस्टीट्यूट, चन्नपटना, और राजाराजेश्वरी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन ए.सी. शणमुगम को मानद…

मुख्य तथ्य

राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RGUHS) ने राजाराजेश्वरी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल, बेंगलुरु, श्री चामुंडेश्वरी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और रिसर्च इंस्टीट्यूट, चन्नपटना, और राजाराजेश्वरी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन ए.सी. शणमुगम को मानद डॉक्टरेट प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार राजाराजेश्वरी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के साथ कानूनी लड़ाई लड़ रही है।

विवरण

RGUHS के कुलपति डॉ. भगवान बी.सी. ने कहा कि मानद डॉक्टरेट देने का निर्णय राज्यपाल द्वारा गठित समिति ने लिया। उन्होंने कहा, "हमने प्राप्त प्रोफाइल समिति को भेज दिए। चयन प्रक्रिया में हमारी कोई भूमिका नहीं है।"

चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. शरण प्रकाश पाटिल ने इस फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "संस्थान से जुड़ा कानूनी विवाद अभी भी अदालत में लंबित है। मानद डॉक्टरेट राज्यपाल द्वारा नियुक्त समिति ने तय किया। इसलिए हम सूची पर आपत्ति नहीं कर सकते।"

पृष्ठभूमि और प्रभाव

राजाराजेश्वरी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल मूल रूप से RGUHS से संबद्ध था। हालांकि, 2019 में कॉलेज ने चेन्नई स्थित डॉ. एमजीआर एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, एक डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी, के साथ संबद्धता का दावा किया। इस संबद्धता को लेकर मामला मद्रास उच्च न्यायालय में लंबित है। कॉलेज ने स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया है और डॉ. एमजीआर एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के तहत संबद्धता का दावा जारी रखे हुए है।

यह निर्णय शैक्षणिक जगत में बहस का विषय बन गया है, क्योंकि एक ओर जहां संस्थान से जुड़ा कानूनी विवाद चल रहा है, वहीं विश्वविद्यालय ने उसके प्रमुख को सर्वोच्च सम्मान देने का फैसला किया है।

पाठकों को क्या जानना चाहिए

  • RGUHS ने ए.सी. शणमुगम को मानद डॉक्टरेट देने का फैसला किया है, जो राजाराजेश्वरी मेडिकल कॉलेज और अन्य संस्थानों के चेयरमैन हैं।
  • राज्य सरकार और राजाराजेश्वरी मेडिकल कॉलेज के बीच संबद्धता को लेकर कानूनी विवाद चल रहा है, जो मद्रास उच्च न्यायालय में लंबित है।
  • चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने इस फैसले पर नाराजगी जताई, लेकिन इसे बदलने में असमर्थता व्यक्त की।
  • यह मामला शैक्षणिक संस्थानों में पारदर्शिता और नैतिकता पर सवाल उठाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RGUHS ने किसे मानद डॉक्टरेट देने का फैसला किया है?

RGUHS ने राजाराजेश्वरी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के चेयरमैन ए.सी. शणमुगम को मानद डॉक्टरेट देने का फैसला किया है।

यह फैसला विवादास्पद क्यों है?

क्योंकि राजाराजेश्वरी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के साथ राज्य सरकार का कानूनी विवाद चल रहा है, और कॉलेज का संबद्धता विवाद मद्रास उच्च न्यायालय में लंबित है।

इस फैसले पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री की क्या प्रतिक्रिया है?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. शरण प्रकाश पाटिल ने नाराजगी जताई, लेकिन कहा कि यह निर्णय राज्यपाल द्वारा नियुक्त समिति ने लिया है, इसलिए वे इस पर आपत्ति नहीं कर सकते।

स्रोत: www.thehindu.com

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