कोर्स की सफलता और विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) द्वारा शुरू किया गया 'खुशी का विज्ञान' (Science of Happiness) मूल्यवर्धित पाठ्यक्रम छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पिछले दो वर्षों में 2000 से अधिक छात्रों ने इस कोर्स में नामांकन लिया है। वर्तमान में यह कोर्स विश्वविद्यालय के 17 कॉलेजों और एक विभाग (मनोविज्ञान विभाग) द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है।
कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कोर्स की प्रगति की समीक्षा की गई, जिसमें भाग लेने वाले कॉलेजों के प्राचार्यों और प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। कुलपति ने कोर्स की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि खुशी जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है और इसे दूसरों के प्रति सकारात्मक सोच और अच्छे कर्मों से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा, 'दुनिया एक अद्भुत जगह है; यदि आप अच्छा करेंगे, तो अच्छी चीजें होंगी।'
कोर्स की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
यह कोर्स मार्च 2024 में रेखी फाउंडेशन फॉर हैप्पीनेस के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के बाद शुरू किया गया था, जिसके तहत रेखी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर द साइंस ऑफ हैप्पीनेस की स्थापना की गई। कुलपति ने कहा कि पहले ऐसे पाठ्यक्रम आम नहीं थे, लेकिन बदलती सामाजिक परिस्थितियों ने इन्हें अधिक प्रासंगिक बना दिया है।
बैठक में कुलपति ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग को युवाओं के लिए एक बड़ी चुनौती बताया और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा शुरू किए गए 'ड्रग-फ्री कैंपस' अभियान को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट भी इस पहल में योगदान दे सकता है।
माइंड लैब्स और अन्य सुविधाएं
बैठक में मिरांडा हाउस और दौलत राम कॉलेज की प्राचार्यों ने बताया कि उन्होंने कोर्स से संबंधित शिक्षण और अनुसंधान के लिए 'माइंड लैब्स' स्थापित की हैं। कई अन्य कॉलेज भी इसी तरह की सुविधाएं स्थापित करने की योजना बना रहे हैं।
कोर्स की संरचना और भविष्य की योजनाएं
शैक्षणिक मामलों की डीन प्रो. के. रत्नाबली ने बताया कि यह एक सेमेस्टर का कोर्स है, जो वर्तमान में पहले चार स्नातक सेमेस्टर में उपलब्ध है। साथ ही, यह विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के माध्यम से भी पेश किया जाता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में इसे स्नातकोत्तर स्तर पर कौशल-आधारित पेपर के रूप में शुरू करने पर विचार कर रहा है।
कोर्स प्रदान करने वाले कॉलेज
यह कोर्स वर्तमान में निम्नलिखित कॉलेजों में उपलब्ध है:
- मिरांडा हाउस
- लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वीमेन
- हिंदू कॉलेज
- हंसराज कॉलेज
- श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स
- गार्गी कॉलेज
- दौलत राम कॉलेज
- जीजस एंड मैरी कॉलेज
- किरोड़ी मल कॉलेज
- आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज
- अन्य 7 कॉलेज
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
दिल्ली विश्वविद्यालय का 'खुशी का विज्ञान' कोर्स क्या है?
यह एक मूल्यवर्धित पाठ्यक्रम है जो छात्रों को खुशी और सकारात्मक सोच के वैज्ञानिक पहलुओं से अवगत कराता है। इसे रेखी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर द साइंस ऑफ हैप्पीनेस के तहत शुरू किया गया है।
इस कोर्स में कितने छात्र नामांकित हैं?
दो वर्षों में 2000 से अधिक छात्रों ने इस कोर्स में नामांकन लिया है।
यह कोर्स किन कॉलेजों में उपलब्ध है?
यह कोर्स 17 कॉलेजों में उपलब्ध है, जिनमें मिरांडा हाउस, लेडी श्रीराम कॉलेज, हिंदू कॉलेज, हंसराज कॉलेज, श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, गार्गी कॉलेज, दौलत राम कॉलेज, जीजस एंड मैरी कॉलेज, किरोड़ी मल कॉलेज और आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज शामिल हैं।
क्या यह कोर्स स्नातकोत्तर स्तर पर भी उपलब्ध होगा?
विश्वविद्यालय भविष्य में इसे स्नातकोत्तर स्तर पर कौशल-आधारित पेपर के रूप में शुरू करने पर विचार कर रहा है।