मुख्य तथ्य
बेंगलुरु स्थित रामैया मेडिकल कॉलेज, जो रामैया यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज (RUAS) का एक घटक संस्थान है, ने अपना 10वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर कुल 31 छात्रों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
पुरस्कार विवरण
समारोह में पांच स्नातकोत्तर चिकित्सा छात्रों को स्वर्ण पदक, छह को रजत पदक और 20 को शैक्षणिक उपलब्धि एंडोमेंट पुरस्कार प्रदान किए गए। ये पुरस्कार छात्रों की उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन और चिकित्सा क्षेत्र में योगदान को मान्यता देते हैं।
गणमान्य वक्ताओं के विचार
चांसलर एम.आर. जयराम का संबोधन
RUAS के चांसलर एम.आर. जयराम ने अपने संबोधन में जोर दिया कि चिकित्सा पेशेवरों को केवल चिकित्सा ज्ञान ही नहीं, बल्कि मानव स्वभाव और समाज की गहरी समझ भी होनी चाहिए। उन्होंने भारत की समृद्ध आयुर्वेदिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए आयुर्वेद को 'पांचवां वेद' और स्वास्थ्य सेवा में एक अमूल्य योगदान बताया।
मुख्य अतिथि डेविड एल. रीच का संबोधन
मुख्य अतिथि डेविड एल. रीच, जो माउंट सिनाई अस्पताल के अध्यक्ष और माउंट सिनाई हेल्थ सिस्टम के मुख्य नैदानिक अधिकारी हैं, ने दिवंगत संस्थापक एम.एस. रामैया की दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि एम.एस. रामैया ने दशकों पहले भारत की शैक्षिक और स्वास्थ्य सेवा आवश्यकताओं को देखा और उत्कृष्टता के संस्थान स्थापित किए।
समारोह का महत्व
यह दीक्षांत समारोह रामैया मेडिकल कॉलेज की शैक्षणिक उत्कृष्टता और चिकित्सा शिक्षा में योगदान को रेखांकित करता है। संस्थान ने न केवल चिकित्सा ज्ञान बल्कि नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी जोर दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: रामैया मेडिकल कॉलेज के 10वें दीक्षांत समारोह में कितने छात्रों को पुरस्कृत किया गया?
उत्तर: कुल 31 छात्रों को पुरस्कृत किया गया, जिसमें 5 को स्वर्ण पदक, 6 को रजत पदक और 20 को शैक्षणिक उपलब्धि पुरस्कार शामिल हैं।
प्रश्न: समारोह में मुख्य अतिथि कौन थे?
उत्तर: मुख्य अतिथि डेविड एल. रीच थे, जो माउंट सिनाई अस्पताल के अध्यक्ष और माउंट सिनाई हेल्थ सिस्टम के मुख्य नैदानिक अधिकारी हैं।
प्रश्न: चांसलर एम.आर. जयराम ने अपने संबोधन में क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने कहा कि चिकित्सा पेशेवरों को चिकित्सा से परे मानव स्वभाव और समाज की समझ होनी चाहिए, और आयुर्वेद को 'पांचवां वेद' बताया।
स्रोत: www.thehindu.com