मुख्य तथ्य
संसद की एक समिति ने मंगलवार को केंद्र सरकार से परीक्षा सुधारों के लिए उच्च स्तरीय समिति (HLCE) की सिफारिशों को लागू करने का 'समयबद्ध रोडमैप' प्रकाशित करने को कहा। समिति ने कहा कि NEET-UG 2024 विवाद के बाद निगरानी तंत्र बनाए जाने के बावजूद अनियमितताएं जारी हैं।
विस्तृत जानकारी
कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि पेपर से जुड़ी अनियमितताओं के कारण परीक्षाएं रद्द हो रही हैं और छात्रों में चिंता बढ़ रही है। समिति ने सिफारिश की कि शिक्षा मंत्रालय 'जल्द से जल्द' HLCE सिफारिशों के लिए समयबद्ध कार्यान्वयन रोडमैप प्रकाशित करे।
NEET-UG 2024 विवाद के बाद मंत्रालय ने HLCE का गठन किया था। समिति ने अक्टूबर 2024 में अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को मजबूत करने, राज्यों के साथ समन्वय और चरणबद्ध परीक्षाओं की सिफारिश की गई। इसके बाद पूर्व ISRO अध्यक्ष के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त स्टीयरिंग समिति बनाई गई।
हालांकि, समिति ने कहा कि इन उपायों के बावजूद पेपर अनियमितताएं जारी हैं। NEET-UG 2026, जो 3 मई को आयोजित हुआ था, पेपर लीक की शिकायतों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया। 2.27 मिलियन से अधिक उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी। पुनः परीक्षा 21 जून को निर्धारित है।
प्रभाव और आगे की राह
समिति ने उच्च शिक्षा विभाग को AISHE (ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन) प्रकाशन में देरी पर फटकार लगाई। मंत्रालय ने बताया कि 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के लिए डेटा संग्रह पूरा हो चुका है और रिपोर्ट एक साथ जारी की जाएंगी। समिति ने कहा कि तीन साल का डेटा एक साथ जारी करना 'वार्षिक सर्वेक्षण के उद्देश्य को विफल करता है'। उन्होंने छात्र-स्तरीय डेटा संग्रह और AISHE प्रकाशन के लिए निश्चित वार्षिक समयसीमा की मांग की।
समिति ने केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (CABE) की बैठक न होने पर भी नाराजगी जताई। 2019 के बाद से कोई बैठक नहीं हुई है। समिति ने विभाग के जवाब को 'विशिष्टता' की कमी बताते हुए व्यापक प्रतिक्रिया मांगी।
इसके अलावा, समिति ने 2017 में शुरू की गई उत्कृष्टता संस्थान (IoE) योजना की धीमी प्रगति पर सवाल उठाया। योजना के तहत 20 संस्थानों में से केवल 12 को ही अधिसूचित किया गया है। समिति ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) जैसे सामाजिक विज्ञान और मानविकी के अग्रणी संस्थानों को योजना से बाहर रखने पर भी सवाल उठाया।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- NTA सुधारों के लिए समयबद्ध रोडमैप जल्द आ सकता है।
- NEET-UG 2026 की पुनः परीक्षा 21 जून को होगी।
- AISHE रिपोर्ट में देरी से नीति निर्माण प्रभावित हो रहा है।
- CABE बैठकों की बहाली की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संसदीय समिति ने NTA सुधार के लिए क्या मांग की है?
समिति ने उच्च स्तरीय समिति (HLCE) की सिफारिशों को लागू करने के लिए समयबद्ध रोडमैप प्रकाशित करने को कहा है।
NEET-UG 2026 में क्या अनियमितता हुई?
3 मई को हुई परीक्षा में पेपर लीक की शिकायत के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। 21 जून को दोबारा परीक्षा होगी।
AISHE रिपोर्ट में देरी पर समिति ने क्या कहा?
समिति ने कहा कि तीन साल का डेटा एक साथ जारी करने से वार्षिक सर्वेक्षण का उद्देश्य खत्म हो जाता है। उन्होंने निश्चित समयसीमा तय करने को कहा।
स्रोत: www.hindustantimes.com