Pahadi Kavi Sammelan debuts at Shimla Summer Festival

शिमला में आयोजित हुए Shimla Summer Festival में एक नया आयाम जोड़ते हुए Pahadi Kavi Sammelan का आयोजन किया गया, जहां कवियों…

शिमला में आयोजित हुए Shimla Summer Festival में एक नया आयाम जोड़ते हुए Pahadi Kavi Sammelan का आयोजन किया गया, जहां कवियों ने अपनी पाहड़ी भाषा में कविताओं का पाठ करके दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन कविताओं में फोक क्ल्चर, ग्रामीण जीवन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक एकता और मानवीय संवेदनशीलता जैसे विषयों को प्रमुखता से दर्शाया गया। दर्शकों ने कवियों के प्रदर्शन की प्रशंसा की और उनका उत्साह बढ़ाया।

पाहड़ी संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास

Shimla DC Anupam Kashyap ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि जिला प्रशासन द्वारा यह नई पहल हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि “पाहड़ी भाषा और साहित्य हमारी पहचान का एक अभिन्न अंग है और यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम इन्हें भविष्य की पीढ़ियों तक पहुंचाएं।” उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों द्वारा सुनाई गई कविताएं हिमाचल की संस्कृति, लोक जीवन, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को दर्शाती हैं।

साहित्य का महत्व

DC Anupam Kashyap ने साहित्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है, और लेखक समाज को एक नई दिशा देने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि “लेखक संस्कृति को बढ़ावा देने और सामाजिक चेतना को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेखकों का योगदान समाज के निर्माण में और सकारात्मक परिवर्तन लाने में कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है।” उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल पाहड़ी भाषा और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, बल्कि राज्य के लेखकों और युवाओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान किया।

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