Shiksha | Education

ओडिशा की पाठ्यपुस्तकों में 1,678 त्रुटियां: cm मोहन माझी ने दी कड़ी कार्रवाई के निर्देश

प्रमुख तथ्य ओडिशा सरकार द्वारा हाल ही में कक्षा 1 से 8 के लिए तैयार की गई नई पाठ्यपुस्तकों में 1,678 त्रुटियां पाई गई हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस मामले को गंभीरता से…

प्रमुख तथ्य

ओडिशा सरकार द्वारा हाल ही में कक्षा 1 से 8 के लिए तैयार की गई नई पाठ्यपुस्तकों में 1,678 त्रुटियां पाई गई हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

त्रुटियों का विवरण

शिक्षकों और अभिभावकों ने पाठ्यपुस्तकों में कई गंभीर गलतियां उजागर की हैं। उदाहरण के लिए, आइजैक न्यूटन को 'महानतम पायलट' बताया गया है, जबकि वे एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे। इसके अलावा, कर्नाटक विधानसभा की तस्वीर को ओडिशा विधानसभा के रूप में लेबल किया गया है। ओडिशा की नियमगिरि पहाड़ी श्रृंखला को झारखंड में बताया गया है, और हम्पी परिसर की तस्वीर को कोणार्क मंदिर के रूप में गलत पहचाना गया है। व्याकरण और वर्तनी की भी अनेक त्रुटियां हैं।

सरकारी कार्रवाई

मुख्यमंत्री मोहन माझी ने बुधवार (17 जून, 2026) को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें स्कूल और जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड और मुख्य सचिव अनु गर्ग शामिल हुए। बैठक में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्णय लिया गया। विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो सात दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके बाद दोषी अधिकारियों या संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पाठ्यपुस्तकों की तैयारी और प्रभाव

ये पाठ्यपुस्तकें शिक्षक शिक्षा निदेशालय और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के कार्यान्वयन के तहत तैयार की गई थीं। स्कूल 18 जून को खुलने वाले हैं, और शिक्षकों ने नई किताबों की समीक्षा करते हुए ये त्रुटियां पकड़ी हैं। ओडिशा अभिभावक संघ के अध्यक्ष बासुदेव भट्ट के अनुसार, सही पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने में संशोधन, मुद्रण और पुनर्वितरण में समय लगेगा। उन्होंने कहा, "कक्षा 1 से 8 के छात्रों को शैक्षणिक वर्ष के एक बड़े हिस्से में त्रुटि रहित किताबें नहीं मिल पाएंगी, और उन्हें अगले छह से सात महीने तक परेशानी झेलनी पड़ सकती है।"

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण

यह घटना शिक्षा सामग्री की गुणवत्ता जांच की आवश्यकता को रेखांकित करती है। अभिभावकों और शिक्षकों को सलाह दी जाती है कि वे पाठ्यपुस्तकों की सावधानीपूर्वक जांच करें और किसी भी त्रुटि की सूचना स्कूल प्रशासन को दें। सरकार द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा की पाठ्यपुस्तकों में कितनी त्रुटियां पाई गईं?

कक्षा 1 से 8 की नई पाठ्यपुस्तकों में कुल 1,678 त्रुटियां पाई गईं।

त्रुटियों में किस तरह की गलतियां शामिल हैं?

इसमें आइजैक न्यूटन को 'महानतम पायलट' बताना, ओडिशा विधानसभा की फोटो के बजाय कर्नाटक विधानसभा की फोटो लगाना, और हम्पी को कोणार्क मंदिर बताना जैसी गंभीर गलतियां शामिल हैं।

सरकार ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?

मुख्यमंत्री मोहन माझी ने विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की है, जो 7 दिन में रिपोर्ट देगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

Follow us on Google News

Explore more

Neet-ug पेपर लीक मामले में nta को बर्खास्त करने की मांग: हासन में aidso का प्रदर्शन

प्रमुख तथ्य हासन में अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन (AIDSO) के बैनर तले छात्रों ने बुधवार (17 जून) को NEET-UG प्रश्नपत्र लीक…

More on Shiksha from Himachal Pradesh

टेलीग्राम का ‘एडिट’ फीचर कैसे बना neet छात्रों को ठगने का हथियार?

प्रमुख तथ्य NEET पुनर्परीक्षा से पहले केंद्र सरकार ने टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसले की आलोचना हो रही…

हैदराबाद के सरकारी डेंटल कॉलेज में रैगिंग: 12 अंतिम वर्ष के छात्र निलंबित

Key Facts In a decisive action against ragging, the Government Dental College (GDC) in Hyderabad has suspended 12 final-year Bachelor of Dental…

Neet पुनर्परीक्षा 2026: पेपर लीक रोकने के लिए सरकार के 8 कड़े कदम

मुख्य तथ्य राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) 21 जून 2026 को NEET पुनर्परीक्षा आयोजित करने जा रही है। पिछली परीक्षा में पेपर लीक…