प्रमुख तथ्य
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा से कुछ दिन पहले Telegram पर चल रहे एक बड़े ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह रैकेट छात्रों से लाखों रुपये ऐंठने के लिए फर्जी लीक पेपर और एडिटेड वीडियो का इस्तेमाल कर रहा है। केंद्र सरकार ने इसके जवाब में Telegram को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया है।
कैसे काम कर रहा है Telegram रैकेट?
NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि Telegram चैनल दो तरह की ठगी कर रहे हैं। पहली में छात्रों से 14,000 से 25,000 रुपये और कुछ मामलों में 10 लाख रुपये तक मांगे जा रहे हैं, यह दावा करते हुए कि उनके पास 'लीक री-एग्जाम पेपर' हैं। NTA ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई पेपर सुरक्षित सिस्टम के बाहर मौजूद नहीं है। दूसरी ठगी में फर्जी सबूत बनाए जा रहे हैं। स्कैमर्स Telegram के मैसेज एडिट फीचर का दुरुपयोग कर पुराने मैसेज की तारीख बदलकर यह दिखाते हैं कि पेपर परीक्षा से पहले लीक हो गया था।
NTA ने कैसे किया खुलासा?
NTA ने आधिकारिक सलाह में कहा कि उसने हर दावे की जांच की और पाया कि सभी फर्जी हैं। अभिषेक सिंह ने कहा, 'जो कोई भी आपको पेपर बेचने का दावा करता है, वह झूठ बोल रहा है, आपको ठगने की कोशिश कर रहा है।' IIT मद्रास के निदेशक वी कामकोटि ने भी बताया कि कैसे एडिटेड टाइमस्टैम्प और रीयूज्ड मैसेज से फर्जी सबूत बनाए जा सकते हैं।
सरकार की कार्रवाई
MeitY ने IT Act की धारा 69A के तहत Telegram को 22 जून तक ब्लॉक कर दिया है, जिसमें पुनर्परीक्षा का दिन (21 जून) भी शामिल है। साथ ही, मैसेज एडिट फीचर को 30 जून तक निष्क्रिय करने का आदेश दिया गया है। Google ने Telegram को Play Store से हटा दिया है, और Apple के भी ऐसा करने की उम्मीद है।
छात्रों के लिए सलाह
NTA ने छात्रों और अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) या cybercrime.gov.in पर दें। केवल NTA के आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें।
Telegram के संस्थापक ने प्रतिबंध की आलोचना की
Telegram के संस्थापक पावेल दुरोव ने इस प्रतिबंध को 'बैंड-एड समाधान' बताया। उन्होंने कहा कि इससे भारत के 150 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे, जबकि लीक करने वालों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, NTA का कहना है कि प्रतिबंध से छात्रों की पहुंच सीमित होगी और ठगी पर लगाम लगेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- NEET पुनर्परीक्षा से पहले Telegram पर किस तरह की ठगी हो रही है? फ्रॉड Telegram चैनल छात्रों से 14,000 से 25,000 रुपये और कुछ मामलों में 10 लाख रुपये तक मांग रहे हैं, यह दावा करते हुए कि उनके पास लीक पेपर हैं। NTA ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया है।
- Telegram पर फर्जी सबूत कैसे बनाए जा रहे हैं? स्कैमर्स Telegram के मैसेज एडिट फीचर का दुरुपयोग कर पुराने मैसेज की तारीख बदलकर फर्जी टाइमलाइन बना रहे हैं, जिससे यह दिखे कि पेपर पहले लीक हो गया था।
- सरकार ने Telegram पर क्या कार्रवाई की है? MeitY ने IT Act की धारा 69A के तहत Telegram को 22 जून तक ब्लॉक कर दिया है, और मैसेज एडिट फीचर को 30 जून तक निष्क्रिय करने का आदेश दिया है।
- अगर कोई ठगी का शिकार हो जाए तो क्या करें? तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
स्रोत: www.hindustantimes.com