मुख्य बातें
- न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत के साथ संबंधों की मजबूती पर भरोसा जताया।
- उन्होंने नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था की वकालत की और कहा कि छोटे देशों के लिए यह जरूरी है।
- लक्सन ने भारतीयों के लिए न्यूज़ीलैंड में आव्रजन के अवसरों को बढ़ावा दिया।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10-11 जुलाई को न्यूज़ीलैंड का दौरा करेंगे।
वैश्विक भू-राजनीति में बदलाव पर लक्सन की चिंता
न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि दुनिया एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जहां नियम-आधारित व्यवस्था से शक्ति-आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "हम देख रहे हैं कि अमेरिका 'अमेरिका फर्स्ट' की बात कर रहा है और पश्चिमी गोलार्ध पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। चीन हमारे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाना चाहता है। रूस ने यूक्रेन पर अवैध आक्रमण किया है और यूरोप में प्रभुत्व चाहता है। यह एक वास्तविक मोड़ है।"
उन्होंने कहा कि न्यूज़ीलैंड जैसे छोटे देशों के लिए नियम-आधारित व्यवस्था लाभकारी रही है, क्योंकि इसमें छोटे और बड़े देशों को समान माना जाता है। लक्सन ने कहा, "न्यूज़ीलैंड, भारत और अन्य समान विचारधारा वाले देशों के साथ मिलकर नियम-आधारित व्यवस्था की वकालत करेगा।"
भारत-न्यूज़ीलैंड संबंध: तीन स्तंभ
लक्सन ने भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच संबंधों को तीन स्तंभों पर आधारित बताया: आर्थिक सहयोग, रक्षा और सुरक्षा, और लोगों के बीच संपर्क। उन्होंने कहा, "हम 100 साल से अधिक समय से दोस्त हैं, लेकिन हमारे बीच बहुत कुछ ऐसा नहीं है जो हमें भविष्य के एजेंडे के लिए बांधे। प्रधानमंत्री मोदी और मैंने बात की है कि दोनों देशों के समान मूल्य और दृष्टिकोण हैं, और हमें और अधिक करना चाहिए।"
उन्होंने वैश्विक संस्थानों में सुधार की भी वकालत की, यह स्वीकार करते हुए कि भारत और ब्राजील जैसे ग्लोबल साउथ के देश द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनाई गई व्यवस्था का हिस्सा नहीं थे।
भारतीयों के लिए न्यूज़ीलैंड में अवसर
अमेरिका में बदले माहौल के बीच लक्सन ने भारतीयों के लिए न्यूज़ीलैंड को एक आकर्षक गंतव्य बताया। उन्होंने कहा, "दुनिया भर में पश्चिमी देशों में एंटी-इमिग्रेशन भावना बढ़ रही है, जो न्यूज़ीलैंड के लिए अवसर पैदा करती है। प्रतिभाशाली लोग जो अमेरिका जाते थे, वे अब हमारे शैक्षणिक संस्थानों पर विचार कर सकते हैं।"
उन्होंने कहा कि न्यूज़ीलैंड में कानूनी आव्रजन को प्राथमिकता दी जाती है और इसे स्मार्ट, निष्पक्ष और लक्षित सिद्धांतों पर प्रबंधित किया जाता है। लक्सन ने कहा, "हम सुनिश्चित करते हैं कि लोगों के लिए पर्याप्त आवास, स्कूल, सड़क और अस्पताल हों।"
प्रधानमंत्री मोदी की न्यूज़ीलैंड यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 और 11 जुलाई को न्यूज़ीलैंड का दौरा करेंगे। यह चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। लक्सन ने कहा कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
न्यूज़ीलैंड के पीएम ने भारत के साथ संबंधों को लेकर क्या कहा?
पीएम लक्सन ने कहा कि दोनों देशों के बीच 100 साल से अधिक पुरानी दोस्ती है और अब संबंधों को और गहरा करने की जरूरत है। उन्होंने आर्थिक, रक्षा, सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क को तीन स्तंभ बताया।
नियम-आधारित व्यवस्था पर लक्सन का क्या दृष्टिकोण है?
लक्सन ने कहा कि दुनिया नियम-आधारित से शक्ति-आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जो छोटे देशों के लिए चिंताजनक है। उन्होंने भारत जैसे देशों के साथ मिलकर नियम-आधारित व्यवस्था को फिर से मजबूत करने की वकालत की।
भारतीयों के लिए न्यूज़ीलैंड में आव्रजन के क्या अवसर हैं?
पीएम लक्सन ने कहा कि न्यूज़ीलैंड में कानूनी आव्रजन को बढ़ावा दिया जाता है और वहां प्रतिभाशाली भारतीयों के लिए शिक्षा और रोजगार के अच्छे अवसर हैं। उन्होंने कहा कि देश में एंटी-इमिग्रेशन भावना नहीं है।