Desh Duniya | अमोनिया रिसाव

तिरुवल्लुर में सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट को सील किया गया, अमोनिया रिसाव में 18 मजदूरों की मौत

प्रमुख तथ्य तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में स्थित सेंट पीटर एंड पॉल प्राइवेट लिमिटेड की सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट को बुधवार को जिला प्रशासन ने सील कर दिया। यह कार्रवाई 21 जून को हुए अमोनिया गैस…

प्रमुख तथ्य

तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में स्थित सेंट पीटर एंड पॉल प्राइवेट लिमिटेड की सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट को बुधवार को जिला प्रशासन ने सील कर दिया। यह कार्रवाई 21 जून को हुए अमोनिया गैस रिसाव के बाद की गई, जिसमें 18 मजदूरों की जान चली गई थी।

घटना का विवरण

जिला कलेक्टर एस. कविता ने बताया कि यूनिट से अमोनिया गैस निकालने की प्रक्रिया शनिवार सुबह शुरू हुई और मंगलवार शाम तक सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। उन्होंने कहा, "हमने सुनिश्चित किया कि पूरी प्रक्रिया बिना किसी अप्रिय घटना के पूरी हो। सभी सहायक विभागों ने समन्वय से काम किया।"

रेवेन्यू डिवीजन अधिकारी एस. रविचंद्रन के नेतृत्व में एक टीम ने यूनिट को सील किया। उन्होंने बताया कि गुरुवार को परिसर से कचरा हटाने के बाद यूनिट का गेट बंद कर दिया जाएगा।

प्रभावित मजदूरों की स्थिति

इस घटना में 18 मजदूरों की मौत के अलावा 8 मजदूर अभी भी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। जिला प्रशासन ने 170 मजदूरों को, जो रिसाव से प्रभावित नहीं हुए थे, उनके गृह राज्यों ओडिशा, असम और झारखंड वापस भेज दिया।

एस. रविचंद्रन ने कहा, "सरकार के निर्देशानुसार, हमने टिकट बुक किए और उन्हें संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ भेजा। 18 जून तक के मजदूरों के वेतन भी उनके बैंक खातों में भेज दिए गए हैं। मजदूरों को मैनपावर एजेंसियों से जोड़ा गया है ताकि वे चाहें तो जिले में वापस काम पर आ सकें।"

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई

केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पिछले सप्ताह यूनिट से लगभग 620 टन जमे हुए कटलफिश, झींगा, स्क्विड और टूना को जब्त कर दो निजी कोल्ड स्टोरेज यूनिटों में स्थानांतरित कर दिया। उन्होंने समुद्री भोजन के नमूने भी लिए। लगभग 80 टन दूषित समुद्री भोजन को एक निजी मीथेन प्लांट में भेजा गया, जहां इसे पीसकर टिकाऊ ऊर्जा में परिवर्तित किया गया।

FAQ

तिरुवल्लुर में सीफूड यूनिट क्यों सील की गई?

21 जून को अमोनिया रिसाव के कारण 18 मजदूरों की मौत के बाद यूनिट को सील किया गया।

अमोनिया रिसाव में कितने मजदूर प्रभावित हुए?

18 मजदूरों की मौत हुई, 8 अभी अस्पताल में हैं, और 170 को सुरक्षित उनके घर भेज दिया गया।

सीलिंग प्रक्रिया कब पूरी हुई?

अमोनिया निकालने का काम शनिवार सुबह शुरू हुआ और मंगलवार शाम तक पूरा हो गया। बुधवार को यूनिट को सील कर दिया गया।

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