मुख्य तथ्य
दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार (16 जून, 2026) को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में आरोपी मेडिकल छात्र यश यादव को पुनः परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि यद्यपि आवेदक पर गोपनीय परीक्षा सामग्री के कथित प्रसार और बिक्री से संबंधित गंभीर अपराधों का आरोप है, लेकिन केवल आरोपों के आधार पर उन्हें परीक्षा में बैठने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
विस्तार से
यह आदेश न्यायालय द्वारा यश यादव के उस आवेदन पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें उन्होंने 15 दिनों के लिए अस्थायी रिहाई की मांग की थी। उन्होंने कहा कि यह राहत मेडिकल प्रवेश पुनः परीक्षा में शामिल होने और एक पारिवारिक समारोह में भाग लेने के लिए आवश्यक है। हालांकि, न्यायालय ने अंतरिम जमानत पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया।
पिछले एक आदेश में, न्यायालय ने आरोपी को हिरासत में रहते हुए अध्ययन सामग्री तक पहुंच की अनुमति दी थी ताकि वह पुनः परीक्षा की तैयारी कर सके।
प्रभाव और आगे की कार्यवाही
यश यादव उन लोगों में शामिल हैं जिनका नाम NEET-UG 2026 प्रश्न पत्र लीक की चल रही जांच में आया है। इस विवाद के कारण अधिकारियों ने पिछली परीक्षा रद्द कर दी और 21 जून को बढ़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था के साथ नई परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी होने का मतलब यह नहीं कि शैक्षणिक अधिकार समाप्त हो जाएं।
- पुनः परीक्षा 21 जून को होगी, जिसमें सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे।
- यह मामला शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यश यादव पर क्या आरोप हैं?
यश यादव पर NEET-UG 2026 के प्रश्न पत्र के कथित प्रसार और बिक्री से संबंधित गंभीर अपराधों का आरोप है।
कोर्ट ने यश यादव को परीक्षा में बैठने की अनुमति क्यों दी?
कोर्ट ने कहा कि केवल आरोपों के आधार पर उन्हें परीक्षा में बैठने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
NEET-UG 2026 की पुनः परीक्षा कब होगी?
पुनः परीक्षा 21 जून, 2026 को बढ़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था के साथ आयोजित की जाएगी।