यात्रा का समापन
चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र पांगी में प्रसिद्ध मिंधल माता की वार्षिक यात्रा का समापन रविवार को हो गया। इस वर्ष यात्रा में हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 40 हजार श्रद्धालुओं ने भाग लिया और माता के दरबार में माथा टेककर सुख-समृद्धि की कामना की।
चढ़ावे का विवरण
पांच प्रजा कमेटी के अनुसार, यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने लगभग 61 लाख रुपये का नकद चढ़ावा अर्पित किया। इसके अलावा मंदिर में लगभग आधा किलोग्राम चांदी और करीब 50 ग्राम सोना भी भेंट किया गया। मंदिर प्रबंधन ने यात्रा के सफल आयोजन के लिए सभी श्रद्धालुओं, प्रशासन और स्थानीय लोगों का आभार जताया है।
चढ़ावे को लेकर विवाद
यात्रा के दौरान चढ़ावे के प्रबंधन और मंदिर परिसर की सफाई व्यवस्था को लेकर कुछ श्रद्धालुओं ने पांच प्रजा कमेटी पर सवाल उठाए। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर निवासी एक महिला ने आरोप लगाया कि उन्होंने मंदिर में एक लाख रुपये का चढ़ावा दिया, लेकिन उन्हें रसीद नहीं दी गई। महिला ने बताया कि वह पिछले वर्ष अपने बेटे की नौकरी की मन्नत लेकर आई थीं, जो दो माह पहले पूरी हुई। बेटे को प्रति माह 1.20 लाख रुपये वेतन मिल रहा है, और मन्नत पूरी होने पर उन्होंने बेटे की पहली कमाई माता को अर्पित करने का निर्णय लिया।
पांच प्रजा कमेटी के अध्यक्ष चुनी लाल वर्मा ने इस मामले में स्पष्ट किया कि मंदिर समिति के रिकॉर्ड के अनुसार महिला ने 97 हजार रुपये नकद और कुछ अन्य सामग्री भेंट की थी। उन्होंने कहा कि समिति के पास चढ़ावे का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित है और इसी के आधार पर लेखा-जोखा तैयार किया गया है।
यात्रा का महत्व
मिंधल माता मंदिर पांगी क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मिंधल माता यात्रा कहाँ आयोजित हुई?
यह यात्रा हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के पांगी क्षेत्र में आयोजित हुई।
इस वर्ष यात्रा में कितने श्रद्धालु शामिल हुए?
लगभग 40 हजार श्रद्धालुओं ने मिंधल माता के दर्शन किए।
यात्रा के दौरान कितना चढ़ावा एकत्र हुआ?
लगभग 61 लाख रुपये नकद, आधा किलोग्राम चांदी और 50 ग्राम सोना चढ़ा।
चढ़ावे को लेकर क्या विवाद हुआ?
जम्मू-कश्मीर की एक महिला ने एक लाख रुपये चढ़ाने पर रसीद न मिलने की शिकायत की, जबकि समिति ने 97 हजार रुपये का रिकॉर्ड बताया।