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सोलन-सुबाथू सड़क: मंत्रियों के लिए चमक, किसानों के लिए झटके

सोलन-सुबाथू सड़क: मंत्रियों के लिए चमक, किसानों के लिए झटके सोलन जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों और दो मुख्य जिलों को जोड़ने वाली सोलन-सुबाथू सड़क इन दिनों अपनी बदहाली के लिए चर्चा में है। यह…

सोलन-सुबाथू सड़क: मंत्रियों के लिए चमक, किसानों के लिए झटके

सोलन जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों और दो मुख्य जिलों को जोड़ने वाली सोलन-सुबाथू सड़क इन दिनों अपनी बदहाली के लिए चर्चा में है। यह सड़क न केवल आम जनता बल्कि किसानों और व्यापारियों के लिए भी मुसीबत बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग पर आरोप है कि वह केवल मंत्रियों के दौरे पर ही सड़क की मरम्मत करता है, जबकि आम लोगों की समस्याओं को अनदेखा कर दिया जाता है।

सड़क की खस्ताहाली से परेशानी

लावीघाट गांव के रिखी राम ने बताया कि सड़क पर गड्ढों में डाली गई मिट्टी बारिश में बह गई है, जिससे अब केवल नुकीले पत्थर बचे हैं। इससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है। वहीं, घट्टी और आसपास के बाजार के व्यापारी धर्म सिंह और वीरेंद्र कुमार का कहना है कि धूप में उड़ने वाली धूल और बारिश में कीचड़ के कारण दुकानों में रखा सामान खराब हो जाता है।

स्वास्थ्य पर प्रभाव

सड़क किनारे दुकान चलाने वाले नरेश कुमार ने बताया कि उड़ती धूल-मिट्टी के कारण स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है। कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।

किसानों को आर्थिक नुकसान

लावीघाट के किसान श्याम लाल ने बताया कि टमाटर और अन्य नकदी फसलों का सीजन शुरू हो चुका है। सड़क में गहरे गड्ढों के कारण गाड़ियों में रखी सब्जियां झटके लगने से खराब हो जाती हैं, जिससे किसानों को मंडी में सही दाम नहीं मिल पाते।

मंत्री दौरे पर ही मरम्मत

डांगरी पंचायत के गीता राम ने बताया कि कुछ समय पहले लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के दौरे के दौरान विभाग ने जल्दबाजी में मिट्टी-पत्थर डालकर सड़क चमका दी थी। उस वक्त जल्द काम शुरू करने का आश्वासन मिला था, लेकिन महीनों बीत जाने और बरसात शुरू होने के बाद भी कोई काम नहीं हुआ।

विभाग का पक्ष

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रवि कपूर का कहना है कि बारिश के मौसम के कारण पक्का काम रुका हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बारिश खत्म होने के बाद सड़क को ठीक करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल लोगों को राहत देने के लिए समय-समय पर मेटलिंग का काम किया जा रहा है।

ग्रामीणों का आंदोलन की चेतावनी

झूठे आश्वासनों से तंग आकर ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि बार-बार आंदोलन और धरना देने के बावजूद विभाग सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है।

निष्कर्ष

सोलन-सुबाथू सड़क की बदहाली ने किसानों, व्यापारियों और आम जनता को गहरा संकट में डाल दिया है। मंत्रियों के लिए चमकने वाली यह सड़क आम लोगों के लिए झटके ही लेकर आई है। विभाग के आश्वासनों पर अब लोगों का भरोसा खत्म हो चुका है और वे आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

FAQ

सोलन-सुबाथू सड़क की वर्तमान स्थिति क्या है?

सड़क बुरी तरह से टूटी हुई है, जिसमें गड्ढे हैं और मरम्मत केवल मंत्री के दौरे पर ही की जाती है।

इस सड़क के खराब होने से किसानों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?

किसानों की सब्जियां गड्ढों में झटके लगने से खराब हो जाती हैं, जिससे उन्हें मंडी में सही दाम नहीं मिल पाते।

लोक निर्माण विभाग का इस संबंध में क्या कहना है?

अधिशासी अभियंता रवि कपूर का कहना है कि बारिश के कारण पक्का काम रुका है, बारिश खत्म होने पर युद्धस्तर पर काम शुरू होगा।

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