Shiksha | उच्च शिक्षा

महाराष्ट्र सरकार उच्च शिक्षा में ‘एकल अभिभावक बाल’ श्रेणी शामिल करने पर विचार कर रही है

मुख्य बातें महाराष्ट्र सरकार उच्च और तकनीकी शिक्षा में एकल माताओं के बच्चों के लिए एक अलग ‘एकल अभिभावक बाल’ श्रेणी शामिल करने पर विचार कर रही है। उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल…

मुख्य बातें

महाराष्ट्र सरकार उच्च और तकनीकी शिक्षा में एकल माताओं के बच्चों के लिए एक अलग 'एकल अभिभावक बाल' श्रेणी शामिल करने पर विचार कर रही है। उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने इस पहल के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की है।

विस्तृत जानकारी

मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने शनिवार (13 जून, 2026) को कहा कि एकल माताओं के बच्चों को उच्च शिक्षा में रियायतें, प्राथमिकता और शैक्षिक सहायता प्रदान करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। उन्होंने बताया कि 17 जून को महाराष्ट्र के लगभग 1,500 कॉलेजों के प्रिंसिपलों की एक विशेष ऑनलाइन बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें जमीनी स्थिति को समझा जाएगा और प्रवेश के दौरान ऐसे छात्रों के सटीक पंजीकरण की प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी।

पाटिल ने कहा कि उच्च शिक्षा में एकल माताओं के बच्चों के रिकॉर्ड के लिए अलग तंत्र के अभाव को देखते हुए, कॉलेज स्तर पर एक उचित और सटीक प्रणाली स्थापित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह पहल सरकार और उच्च शिक्षा निदेशालय की संयुक्त पहल है, जो एकल माताओं के बच्चों को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा में लाने और प्रासंगिक सरकारी योजनाओं तक पहुंच प्रदान करने में मदद करेगी।

प्रभाव और आगे की रणनीति

इस योजना के तहत, राज्य सरकार ने बजट सत्र के दौरान एकल माताओं के लिए अलग नीति की घोषणा के बाद, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति पहले ही गठित कर दी गई है। उच्च शिक्षा निदेशक शैलेंद्र देओलंकर और सौ एकल महिला समिति के राज्य संयोजक हेरंब कुलकर्णी इस समिति के सदस्य हैं।

अब उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत एक अलग उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति कॉलेज प्रवेश फॉर्म में अलग कॉलम शामिल करने, छात्रावास प्रवेश में प्राथमिकता, परामर्श सहायता और ऐसे छात्रों के लिए अन्य आवश्यक रियायतों से संबंधित मामलों का अध्ययन करेगी और सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • यह पहल एकल माताओं के बच्चों को उच्च शिक्षा में समान अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • प्रवेश फॉर्म में अलग श्रेणी शामिल होने से ऐसे छात्रों की पहचान और सहायता आसान होगी।
  • सरकार का लक्ष्य है कि इन छात्रों को शैक्षिक और वित्तीय सहायता देकर उन्हें मुख्यधारा में लाया जाए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकल अभिभावक बाल श्रेणी क्या है?

यह महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तावित एक नई श्रेणी है जो कॉलेज प्रवेश फॉर्म में शामिल की जाएगी ताकि एकल माताओं के बच्चों को उच्च शिक्षा में सहायता मिल सके।

इस श्रेणी के तहत क्या लाभ मिलेंगे?

इसमें प्रवेश में प्राथमिकता, फीस में छूट, छात्रावास में प्राथमिकता, और परामर्श सहायता जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।

इस योजना को लागू करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी जो प्रवेश फॉर्म में अलग कॉलम, छात्रावास प्राथमिकता और अन्य रियायतों पर अध्ययन कर रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

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