प्रमुख तथ्य
दिग्गज पार्श्वगायिका एस जानकी का 88 वर्ष की आयु में मैसूर के अपोलो बीजीएस अस्पताल में निधन हो गया। उनकी पोती अप्सरा वैद्युला ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट के माध्यम से इस खबर की पुष्टि की। परिवार ने बताया कि वह अपने प्रियजनों के बीच शांतिपूर्वक अंतिम सांस लीं और शोक की इस घड़ी में गोपनीयता का अनुरोध किया।
विवरण
अपोलो बीजीएस अस्पताल, मैसूर के अनुसार, जानकी को 11 जुलाई को दोपहर 12:49 बजे गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था और तुरंत आईसीयू में स्थानांतरित किया गया। गहन चिकित्सा देखभाल और बहु-विषयक टीम की निरंतर निगरानी के बावजूद, उपचार के दौरान उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। डॉक्टरों ने मानक चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार उन्नत कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) शुरू किया, लेकिन कई बार कार्डियक अरेस्ट होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल ने शाम 7:30 बजे उनकी मृत्यु की पुष्टि की।
परिवार का बयान
अप्सरा वैद्युला ने परिवार की ओर से लिखा, 'बहुत दुख के साथ मैं अपनी प्यारी दादी और महान गायिका श्रीमती एस जानकी के निधन की खबर साझा कर रही हूं। वह हमारे परिवार के प्यार के बीच शांतिपूर्वक हमें छोड़ गईं। हालांकि हमारे दिल भारी हैं, लेकिन हम उस असाधारण जीवन के लिए आभारी हैं जो उन्होंने जिया और अपने कालजयी संगीत से लाखों लोगों को दी गई अपार खुशी के लिए भी।'
उन्होंने आगे कहा, 'दुनिया के लिए वह एक प्रतिष्ठित आवाज थीं जिनके गाने अनगिनत यादों का हिस्सा बन गए। हमारे लिए वह एक प्यारी दादी थीं जिनकी गर्मजोशी, विनम्रता, दयालुता और शालीनता हमेशा हमारे साथ रहेगी।' परिवार ने इस कठिन समय में गोपनीयता का अनुरोध किया।
प्रभाव और विरासत
भारत की महानतम पार्श्वगायिकाओं में से एक मानी जाने वाली एस जानकी का करियर छह दशकों से अधिक का रहा। उन्होंने तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में 40,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए। उन्हें चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायिका के लिए और संगीत में योगदान के लिए कई राज्य पुरस्कार मिले।
'दक्षिण भारत की कोकिला' के नाम से मशहूर जानकी ने एम. एस. विश्वनाथन, इलैयाराजा, के. वी. महादेवन, ए. आर. रहमान और एम. एम. कीरवानी जैसे दिग्गज संगीतकारों के साथ काम किया। उनके विशाल भंडार में रोमांटिक, भक्ति और लोक संगीत की कालजयी रचनाएं शामिल हैं, जिसने उन्हें भारतीय संगीत इतिहास में एक अमिट स्थान दिलाया।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
एस जानकी का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी आवाज ने पीढ़ियों को प्रभावित किया और उनके गाने आने वाले समय में भी लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। परिवार ने शोक संतप्त प्रशंसकों से गोपनीयता बनाए रखने का अनुरोध किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एस जानकी का निधन कब और कहाँ हुआ?
एस जानकी का निधन 11 जुलाई को मैसूर के अपोलो बीजीएस अस्पताल में शाम 7:30 बजे हुआ। उन्हें कई बार कार्डियक अरेस्ट आया था।
एस जानकी ने कितने गाने गाए?
उन्होंने 40,000 से अधिक गाने तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में रिकॉर्ड किए।
एस जानकी को कितने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले?
उन्हें चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायिका के लिए मिले।
एस जानकी को किस नाम से जाना जाता था?
उन्हें 'दक्षिण भारत की कोकिला' के नाम से जाना जाता था।