मुख्य तथ्य
प्रसिद्ध पार्श्वगायिका एस. जानकी, जिन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा को अपनी आवाज से समृद्ध किया, का 11 जुलाई 2026 को निधन हो गया। उनके जाने से संगीत जगत में शोक की लहर है। आंध्र प्रदेश के विजयनगरम में विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।
विजयनगरम में श्रद्धांजलि
विजयनगरम, जिसे फोर्ट सिटी के नाम से भी जाना जाता है, का संगीत से गहरा नाता रहा है। यहां 100 साल पुराना महाराजा म्यूजिक कॉलेज है, जिसने घंटासाला वेंकटेश्वर राव और पी. सुशीला जैसे महान गायकों को प्रशिक्षित किया। एस. जानकी ने भी इस शहर में कई संगीत कार्यक्रम दिए।
12 जुलाई 2026 को श्री गुरु नारायण कलापीठम, फ्रेंड्स फाइन आर्ट्स एसोसिएशन और वेन्नेला क्रिएशन्स जैसे संगठनों ने एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। कलापीठम के संस्थापक बी.ए. नारायण ने कहा कि उनका अचानक निधन सभी के लिए सदमा है, क्योंकि वे दो महीने पहले तक बहुत सक्रिय थीं।
उनका संगीत और व्यक्तित्व
एस. जानकी ने कई नए गायकों को प्रेरित किया और उन्हें पेशेवर गायक बनने में मदद की। फ्रेंड्स फाइन आर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष धवला सर्वेश्वर राव और सचिव मंडपका रवि ने कहा कि उन्होंने कई नई प्रतिभाओं को संवारा।
फिल्म निर्माता बालागा प्रकाश, जो हाल ही में उनसे मिले थे, ने बताया कि वे एक महान इंसान थीं और प्रसिद्धि के बावजूद सादा जीवन जीती थीं। उन्होंने कहा, 'वे बहुत कम पारिश्रमिक लेती थीं और अपनी सफलता का कभी घमंड नहीं किया।'
प्रभाव और विरासत
एस. जानकी की आवाज आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनके गीत आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। विजयनगरम के सांस्कृतिक संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे हमेशा याद की जाएंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: एस. जानकी का निधन कब हुआ?
उत्तर: एस. जानकी का निधन 11 जुलाई 2026 को हुआ।
प्रश्न: विजयनगरम में एस. जानकी को कैसे याद किया गया?
उत्तर: विजयनगरम के सांस्कृतिक संगठनों ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।
प्रश्न: एस. जानकी ने कौन सा पुरस्कार प्राप्त किया था?
उत्तर: उन्हें 1 अप्रैल 2026 को श्री गुरु नारायण कलापीठम द्वारा जीवन सफल्य पुरस्कारम (लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड) से सम्मानित किया गया था।