Himachal HC judges to carpool, Registry staff to get work from home to save fuel

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के जज अब कारपूलिंग करने जा रहे हैं, जबकि रजिस्ट्री स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा मिलेगी…

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के जज अब कारपूलिंग करने जा रहे हैं, जबकि रजिस्ट्री स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा मिलेगी ताकि ईंधन की बचत हो सके। यह फैसला मई 12 को मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग द्वारा जारी किए गए एक सर्कुलर और मई 15 को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया द्वारा जारी किए गए एक अन्य सर्कुलर के मद्देनजर लिया गया है।

कारपूलिंग और वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में फिलहाल 12 जज हैं, जिनमें चीफ जस्टिस भी शामिल हैं। अब वे कारपूलिंग के माध्यम से घर और कोर्ट के बीच आना-जाना करेंगे। इसके अलावा, रजिस्ट्री स्टाफ को 50% स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाएगी, जिससे वे अधिकतम 2 दिन घर से काम कर सकेंगे। सर्कुलर में कहा गया है कि संबंधित रजिस्ट्रार यह सुनिश्चित करेंगे कि सप्ताह की शुरुआत से पहले एक साप्ताहिक रोस्टर तैयार किया जाए। घर से काम करने वाले स्टाफ को फोन पर उपलब्ध रहने और जरूरत पड़ने पर कार्यालय में उपस्थित होने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।

वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था का प्रभाव

यह व्यवस्था न केवल ईंधन की बचत करेगी, बल्कि स्टाफ को भी घर से काम करने की सुविधा प्रदान करेगी। हालांकि, सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि यदि कोई रजिस्ट्रार यह महसूस करता है कि वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था प्रभावी नहीं है, तो वह उस विशेष शाखा या अनुभाग के लिए इस व्यवस्था को सीमित या संशोधित कर सकता है। यह फैसला हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा लिया गया है और इसका उद्देश्य ईंधन की बचत करना और स्टाफ को सुविधा प्रदान करना है।