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Forto ने tet से छूट की मांग: पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को परीक्षा से बाहर रखने की अपील

विजयवाड़ा में रविवार को आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन में फोरम ऑफ रजिस्टर्ड टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन (FORTO) ने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की है कि उन शिक्षकों को अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से छूट…

विजयवाड़ा में रविवार को आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन में फोरम ऑफ रजिस्टर्ड टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन (FORTO) ने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की है कि उन शिक्षकों को अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से छूट दी जाए जो राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) की योग्यता और राज्य भर्ती नियमों के तहत कानूनी रूप से नियुक्त किए गए थे।

मुख्य मांग

FORTO के कार्यकारी अध्यक्ष डी. श्रीनु और कार्यकारी महासचिव मगंती श्रीनिवास राव ने सम्मेलन का नेतृत्व किया। संगठन का तर्क है कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के बाद लागू किए गए TET मानदंडों को पहले से नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना पूर्वव्यापी और अन्यायपूर्ण होगा।

NCTE स्पष्टीकरण का हवाला

FORTO नेताओं ने NCTE के 28 अगस्त 2017 के स्पष्टीकरण का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि NCTE ने 3 सितंबर 2001 से पहले न्यूनतम योग्यता निर्धारित नहीं की थी, और उस अवधि में शिक्षक नियुक्तियां राज्य भर्ती नियमों के अनुसार होती थीं।

शिक्षकों का अनुभव और प्रशिक्षण

FORTO ने कहा कि कई शिक्षकों ने दशकों तक सेवा दी है और सेवाकालीन प्रशिक्षण, DIKSHA पाठ्यक्रम, क्लस्टर स्तरीय प्रशिक्षण और अन्य व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से अपने कौशल को लगातार उन्नत किया है, जो उनकी शिक्षण क्षमता को प्रदर्शित करता है।

सरकार से अपील

FORTO ने सरकारों से ऐसे शिक्षकों के सेवा अधिकारों की रक्षा के लिए उचित कानूनी और नीतिगत उपाय करने की अपील की। FORTO से संबद्ध कई संगठनों के नेताओं ने बैठक में भाग लिया और मांग का समर्थन किया।

FAQ

  • FORTO क्या है? FORTO (Forum of Registered Teachers Organisations) शिक्षक संगठनों का एक मंच है जो शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए काम करता है।
  • TET से छूट की मांग क्यों की जा रही है? FORTO का कहना है कि RTE अधिनियम से पहले नियुक्त शिक्षकों पर TET लागू करना पूर्वव्यापी और अन्यायपूर्ण होगा, क्योंकि उस समय NCTE ने न्यूनतम योग्यता निर्धारित नहीं की थी और राज्य भर्ती नियम लागू थे।
  • NCTE का 2017 का स्पष्टीकरण क्या कहता है? NCTE ने 28 अगस्त 2017 को स्पष्ट किया था कि 3 सितंबर 2001 से पहले उसने न्यूनतम योग्यता निर्धारित नहीं की थी, और उस अवधि में शिक्षक नियुक्तियां राज्य भर्ती नियमों के अनुसार होती थीं।

स्रोत: www.thehindu.com

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