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अमेरिका में 26 साल बाद नए सनस्क्रीन फिल्टर को मंजूरी, बेहतर सुरक्षा की उम्मीद

मुख्य तथ्य अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 1999 के बाद पहली बार एक नए केमिकल सनस्क्रीन फिल्टर को मंजूरी दी है। यह फिल्टर बेमोट्रिज़िनॉल (bemotrizinol) है, जिसे Tinosorb S या BEMT के नाम…

मुख्य तथ्य

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 1999 के बाद पहली बार एक नए केमिकल सनस्क्रीन फिल्टर को मंजूरी दी है। यह फिल्टर बेमोट्रिज़िनॉल (bemotrizinol) है, जिसे Tinosorb S या BEMT के नाम से भी जाना जाता है। यह मंजूरी 26 साल के लंबे इंतजार के बाद मिली है और इससे अमेरिकी सनस्क्रीन की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

विवरण

बेमोट्रिज़िनॉल एक ब्रॉड-स्पेक्ट्रम फिल्टर है जो UVA और UVB दोनों किरणों से सुरक्षा प्रदान करता है। यह अधिक फोटोस्टेबल है, यानी सूरज की रोशनी में जल्दी खराब नहीं होता, और यह अन्य फिल्टर को स्थिर करने में भी मदद करता है। इसका अणु बड़ा होने के कारण यह रक्त में अवशोषित होने की संभावना कम है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं कम होती हैं। FDA ने इसे GRASE (generally recognized as safe and effective) घोषित किया है।

प्रभाव

यह मंजूरी अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत है, जो लंबे समय से चिपचिपे, सफेद दाग छोड़ने वाले और अप्रभावी सनस्क्रीन से जूझ रहे थे। एशिया, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में पिछले दो दशकों से बेहतर सनस्क्रीन उपलब्ध थे, जबकि अमेरिकी नियामक प्रक्रिया के कारण यहां नए फिल्टर नहीं आ पाए थे। इससे एक ग्रे मार्केट भी विकसित हुआ था, जहां लोग विदेशों से सनस्क्रीन मंगवाते थे। हालांकि, हाल के वर्षों में FDA और सीमा शुल्क ने इन आयातों पर कड़ाई की थी।

पाठकों को क्या जानना चाहिए

  • नए फिल्टर वाले सनस्क्रीन अगस्त या सितंबर 2026 तक बाजार में आ सकते हैं, जो गर्मियों के चरम समय के बाद होगा।
  • यह केवल एक नया फिल्टर है; अमेरिका में अब 16 फिल्टर उपलब्ध होंगे, जबकि कोरिया, जापान और यूरोप में लगभग 34 फिल्टर हैं।
  • SAFE Sunscreen Standards Act पारित होने से भविष्य में फिल्टर अनुमोदन प्रक्रिया सरल होने की उम्मीद है।
  • त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, कोई भी टैन त्वचा को नुकसान का संकेत है, और सनस्क्रीन का उपयोग आवश्यक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेमोट्रिज़िनॉल क्या है?

बेमोट्रिज़िनॉल (Tinosorb S) एक नया केमिकल सनस्क्रीन फिल्टर है जो UVA और UVB दोनों किरणों से सुरक्षा प्रदान करता है। यह अधिक फोटोस्टेबल है और रक्त में अवशोषित होने की संभावना कम है।

अमेरिकी सनस्क्रीन दूसरे देशों से खराब क्यों हैं?

अमेरिका में सनस्क्रीन को ओवर-द-काउंटर दवा के रूप में नियंत्रित किया जाता है, जिससे नए फिल्टर की मंजूरी महंगी और समय लेने वाली होती है। इसके विपरीत, एशिया, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में सनस्क्रीन को कॉस्मेटिक के रूप में विनियमित किया जाता है, जिससे अधिक उन्नत फॉर्मूलेशन उपलब्ध हैं।

क्या नया फिल्टर त्वचा कैंसर से बचाने में मदद करेगा?

हां, बेमोट्रिज़िनॉल बेहतर UVA सुरक्षा प्रदान करता है, जो त्वचा की गहरी परतों को नुकसान पहुंचाता है और त्वचा कैंसर में योगदान देता है। इससे अमेरिकी सनस्क्रीन अंतरराष्ट्रीय मानकों के करीब पहुंचेंगे।

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