Technology | Himachal Pradesh

कर्नाटक सरकार ने एआई गवर्नेंस के लिए एंथ्रोपिक इंडिया से की साझेदारी पर चर्चा

मुख्य तथ्य कर्नाटक सरकार ने शनिवार को एंथ्रोपिक इंडिया के नेतृत्व के साथ बैठक की, जिसमें मौजूदा डेटासेट का सार्वजनिक हित में उपयोग और एआई के माध्यम से नागरिक सेवाओं को मजबूत करने पर चर्चा…

मुख्य तथ्य

कर्नाटक सरकार ने शनिवार को एंथ्रोपिक इंडिया के नेतृत्व के साथ बैठक की, जिसमें मौजूदा डेटासेट का सार्वजनिक हित में उपयोग और एआई के माध्यम से नागरिक सेवाओं को मजबूत करने पर चर्चा हुई। यह बैठक बेंगलुरु में आयोजित हुई।

बैठक का विवरण

गृह, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी एवं बीटी और ई-गवर्नेंस केंद्र (CeG) मंत्री प्रियांक खड़गे ने एंथ्रोपिक इंडिया की प्रबंध निदेशक इरिना घोष से मुलाकात की। एंथ्रोपिक कैलिफोर्निया स्थित एक एआई सुरक्षा और अनुसंधान कंपनी है, जो बड़े भाषा मॉडल (LLMs) और उन्नत एआई सहायक विकसित करती है। चर्चा का केंद्र कर्नाटक के एआई विजन और रणनीतिक सहयोग के अवसर थे।

ई-गवर्नेंस से आई-गवर्नेंस की ओर

बैठक में कर्नाटक के ई-गवर्नेंस से आई-गवर्नेंस (इंटेलिजेंस-ड्रिवन गवर्नेंस) में संक्रमण पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य एआई का उपयोग करके अधिक उत्तरदायी, कुशल और नागरिक-केंद्रित प्रणाली बनाना है।

प्रियांक खड़गे का बयान

मंत्री खड़गे ने कहा, “एंथ्रोपिक के साथ हमारा जुड़ाव स्किलिंग, अनुसंधान, स्टार्टअप और एआई-आधारित शासन में सार्थक सहयोग का अवसर है, जबकि स्थायी और स्केलेबल मॉडल बनाए जा सकते हैं जो दीर्घकालिक सार्वजनिक मूल्य सृजित करें।” उन्होंने कहा कि कर्नाटक का एआई विजन उन्नत क्षमताओं के निर्माण, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और शासन एवं नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने पर केंद्रित है।

सहयोग के क्षेत्र

बैठक में सरकार और नागरिकों के लिए स्थायी और स्केलेबल एआई कार्यक्रम डिजाइन करने के अवसरों पर भी चर्चा हुई। साथ ही, स्टार्टअप और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के बीच सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया, जिसमें मेंटरशिप, सह-निर्माण और कर्नाटक के मौजूदा डीपटेक स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ अधिक जुड़ाव शामिल है।

स्किलिंग और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

चर्चा में उन्नत और भविष्य के लिए तैयार एआई कौशल सेट बनाने, स्किलिंग और सह-निर्माण के लिए साझेदारी स्थापित करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों पक्षों ने राज्य में एआई अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को मजबूत करने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इनक्यूबेटर स्थापित करने पर विचार-विमर्श किया।

उपस्थित गणमान्य

बैठक में कर्नाटक इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी सोसाइटी (KITS) के प्रबंध निदेशक अविनाश मेनन राजेंद्रन भी उपस्थित थे।

FAQ

कर्नाटक सरकार और एंथ्रोपिक इंडिया के बीच क्या चर्चा हुई?

दोनों पक्षों ने एआई के माध्यम से शासन को बेहतर बनाने, स्किलिंग, रिसर्च, स्टार्टअप और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने पर चर्चा की।

प्रियांक खड़गे ने इस साझेदारी के बारे में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि यह सहयोग स्किलिंग, रिसर्च, स्टार्टअप और एआई-आधारित शासन में दीर्घकालिक सार्वजनिक मूल्य बनाने का अवसर है।

कर्नाटक की एआई विजन क्या है?

कर्नाटक ई-गवर्नेंस से आई-गवर्नेंस (इंटेलिजेंस-ड्रिवन गवर्नेंस) की ओर बढ़ रहा है, जिसमें एआई का उपयोग नागरिक-केंद्रित प्रणाली बनाने के लिए किया जाएगा।

Follow us on Google News

Explore more

Airtel 5G सेवा ओडिशा में शुरू, जानें प्लान और कीमतें

मुख्य तथ्य एयरटेल ने ओडिशा में अपनी 5G सेवा शुरू कर दी है। यह सेवा ग्राहकों को तेज़ इंटरनेट और बेहतर कनेक्टिविटी…

More on Technology from Himachal Pradesh

न्यूयॉर्क डेटा सेंटर मोरेटोरियम लागू करने वाला पहला अमेरिकी राज्य बना

मुख्य तथ्य न्यूयॉर्क राज्य ने देश में पहली बार डेटा सेंटरों पर राज्यव्यापी मोरेटोरियम लागू किया है। राज्यपाल कैथी होचुल ने 50…

TRAI vs Truecaller: 1600 और 140 सीरीज के कॉल्स को स्पैम मार्क करने पर विवाद

विवाद की शुरुआत टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और कॉलर आइडेंटिफिकेशन ऐप Truecaller के बीच विवाद तब बढ़ गया जब TRAI…

Apple ने OpenAI पर चोरी के आरोप लगाए, कंपनी के हार्डवेयर बिज़नेस को बताया ‘सड़ा हुआ’

मुख्य तथ्य Apple ने OpenAI के खिलाफ एक कानूनी कार्रवाई शुरू की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि OpenAI ने Apple…