मुख्य तथ्य
मानसून से पहले ही जिला स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और जलजनित बीमारियों के खिलाफ तैयारी तेज कर दी है। औद्योगिक क्षेत्रों परवाणू, बद्दी और नालागढ़ को डेंगू के लिहाज से अति-संवेदनशील घोषित किया गया है। परवाणू के कई इलाकों में मच्छरों का लारवा मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद ने संयुक्त रूप से एंटी-लारवा स्प्रे अभियान शुरू कर दिया है।
विस्तृत जानकारी
नगर परिषद परवाणू के कार्यकारी अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि शहर के सभी वार्डों में युद्ध स्तर पर एंटी-लारवा स्प्रे किया जा रहा है। जल्द ही व्यापक फॉगिंग अभियान भी चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों में आने वाले संदिग्ध मरीजों के डेंगू सैंपल अनिवार्य रूप से लिए जाएं। ईएसआई अस्पताल परवाणू की प्रभारी डॉ. ज्योति कपिल ने बताया कि अभी तक कोई मरीज नहीं आया, लेकिन अस्पताल पूरी तरह तैयार है और दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है।
प्रभाव और तैयारियां
धर्मपुर ब्लॉक के मेडिकल अधिकारी डॉ. परविंदर सिंह ने बताया कि सभी फील्ड स्टाफ को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आशा कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर लारवा जांच शुरू कर दी है, खासकर हरियाणा सीमा से सटे क्षेत्रों में। नागरिकों से अपील है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें और बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं।
पाठकों के लिए सुझाव
- कूलर, गमले, टायर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें।
- तेज बुखार, जोड़ों में दर्द या डेंगू के लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं।
- अपने घर के आसपास साफ-सफाई रखें और पानी जमा न होने दें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
परवाणू में डेंगू के कितने मामले सामने आए हैं?
अभी तक कोई आधिकारिक मामला सामने नहीं आया है। केवल लारवा पाया गया है।
डेंगू से बचाव के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
एंटी-लारवा स्प्रे, फॉगिंग, आशा वर्करों द्वारा घर-घर जांच, और अस्पतालों में सैंपलिंग शुरू की गई है।
नागरिकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर-गमलों की सफाई करें, बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं।