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बिलासपुर: काथला स्कूल के जर्जर भवन में पढ़ रहे 55 बच्चे, एसएमसी ने उठाई नए भवन की मांग

मुख्य तथ्य बिलासपुर जिले के स्वारघाट क्षेत्र में स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला काथला में 55 बच्चे जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं। स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) ने बुधवार को आम सभा बुलाकर शिक्षा विभाग…

मुख्य तथ्य

बिलासपुर जिले के स्वारघाट क्षेत्र में स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला काथला में 55 बच्चे जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं। स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) ने बुधवार को आम सभा बुलाकर शिक्षा विभाग और सरकार से नए भवन के निर्माण की मांग की।

भवन की खराब स्थिति

स्कूल का पुराना भवन पहले ही असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। वर्तमान में केवल दो कमरे उपयोग में हैं, जिनकी हालत बेहद खराब है। दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं और कई स्थानों पर छत से सीमेंट के टुकड़े गिरते रहते हैं। इन्हीं कमरों में कक्षाएं संचालित हो रही हैं और स्कूल कार्यालय भी चल रहा है।

एसएमसी की मांग

एसएमसी अध्यक्ष सुनीता देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अभिभावकों और समिति सदस्यों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई। रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्य विद्यासागर ठाकुर ने कहा कि शिक्षा विभाग को कई बार समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। एसएमसी ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पुराने भवन को हटाकर नया भवन बनाने की मांग की है। यह प्रस्ताव आगे की कार्रवाई के लिए बीईईओ कार्यालय को भेज दिया गया है।

शिक्षा विभाग का रुख

खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र चौहान ने बताया कि विद्यालय के असुरक्षित भवन का मामला विभाग के संज्ञान में है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजा जा चुका है। अब दोबारा पत्र लिखकर जल्द आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया जाएगा।

अभिभावकों की चिंता

अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि जर्जर भवन में किसी भी समय हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काथला स्कूल में कितने बच्चे पढ़ते हैं?

राजकीय प्राथमिक पाठशाला काथला में कुल 55 बच्चे पढ़ते हैं, जिनमें 49 छात्र पहली से पांचवीं कक्षा में और 6 प्री-प्राइमरी में हैं।

स्कूल भवन की स्थिति कैसी है?

भवन को असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। दीवारों में दरारें हैं और छत से सीमेंट के टुकड़े गिरते हैं। केवल दो कमरे उपयोग में हैं, जिनमें कक्षाएं और कार्यालय चल रहे हैं।

एसएमसी ने क्या कार्रवाई की है?

एसएमसी ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पुराने भवन को हटाकर नया भवन बनाने की मांग की है। यह प्रस्ताव बीईईओ कार्यालय को भेज दिया गया है।

शिक्षा विभाग का क्या कहना है?

खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र चौहान ने बताया कि मामला विभाग के संज्ञान में है और लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा जा चुका है। जल्द कार्रवाई के लिए दोबारा पत्र भेजा जाएगा।

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