मुख्य तथ्य
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने सोमवार को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य परिसर में साइबर जागरूकता और सुरक्षा को बढ़ावा देना है। यह कदम विशेष रूप से महिला छात्राओं को डिजिटल बदमाशी और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए उठाया गया है।
समझौते का विवरण
समझौता ज्ञापन पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता और गृह मंत्रालय के तहत I4C के निदेशक निशांत कुमार ने हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य साइबर अपराध की रोकथाम, साइबर स्वच्छता, साइबर जागरूकता, क्षमता निर्माण, शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान, इंटर्नशिप और छात्र भागीदारी को बढ़ावा देना है।
महिला छात्राओं की सुरक्षा पर जोर
रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने कहा, "हमने ऐसे उदाहरण देखे हैं जहां महिला छात्राएं, विशेषकर कमजोर वर्गों की, डिजिटल बदमाशी और डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार होती हैं। एक छोटी सी गलती बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। हमने इन्हीं मुद्दों को ध्यान में रखते हुए यह समझौता किया है।"
साझेदारी के तहत गतिविधियां
I4C के निदेशक निशांत कुमार ने बताया कि यह साझेदारी संयुक्त पहलों जैसे जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं, सेमिनार, हैकाथॉन, छात्र प्रतियोगिताएं, इंटर्नशिप, साइबर स्वयंसेवक जुड़ाव और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा अधिसूचित साइबर सुरक्षा पाठ्यक्रमों के प्रचार के माध्यम से एक साइबर-जागरूक शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि यह सहयोग ज्ञान साझाकरण और शिक्षा जगत और सरकार के बीच सहयोग को मजबूत करेगा ताकि साइबर सुरक्षा शिक्षा और डिजिटल लचीलापन को आगे बढ़ाया जा सके।
अनुभवात्मक शिक्षा और नवाचार
दिल्ली विश्वविद्यालय कंप्यूटर केंद्र के निदेशक संजीव सिंह ने कहा कि साझेदारी में अनुभवात्मक सीखने के अवसर, साइबर स्वयंसेवक कार्यक्रम और यूजीसी द्वारा अधिसूचित साइबर सुरक्षा और साइबर जागरूकता पाठ्यक्रमों का प्रसार शामिल होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और I4C साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार, ज्ञान आदान-प्रदान और संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भी मिलकर काम करेंगे।
समारोह में उपस्थित गणमान्य
MoU हस्ताक्षर समारोह में शैक्षणिक मामलों की डीन के रत्नाबली और DU तथा I4C के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
दिल्ली विश्वविद्यालय और I4C के बीच MoU का उद्देश्य क्या है?
इस समझौते का उद्देश्य परिसर में साइबर जागरूकता और सुरक्षा को मजबूत करना है, विशेषकर महिला छात्राओं को डिजिटल बदमाशी और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाना।
इस साझेदारी के तहत किन गतिविधियों की योजना है?
जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं, सेमिनार, हैकाथॉन, छात्र प्रतियोगिताएं, इंटर्नशिप, साइबर स्वयंसेवक कार्यक्रम और यूजीसी द्वारा अधिसूचित साइबर सुरक्षा पाठ्यक्रमों का प्रचार शामिल है।
यह समझौता कब और किसके बीच हुआ?
यह समझौता सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता और I4C के निदेशक निशांत कुमार के बीच हस्ताक्षरित हुआ।