मुख्य तथ्य
शिवमोग्गा के जेएनएन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में 14 जून, 2026 को सीईटी/कॉमेडक प्रवेश पर एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में विशेषज्ञों ने छात्रों और अभिभावकों को कोर्स चयन के लिए मार्गदर्शन दिया।
विस्तृत जानकारी
जेएनएन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्रिंसिपल वाई. विजयकुमार ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की रुचि, क्षमता और भविष्य की आकांक्षाओं को अपनी अपेक्षाओं से ऊपर रखें। उन्होंने कहा कि जो छात्र अपनी रुचि के अनुरूप विषयों का चयन करते हैं, वे शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने वाले कौशल विकसित करते हैं।
“शैक्षिक विकल्प समझ और मार्गदर्शन के माध्यम से लिए जाने चाहिए, दबाव में नहीं।” - डॉ. वाई. विजयकुमार
डॉ. विजयकुमार ने छात्रों को प्री-यूनिवर्सिटी परीक्षा परिणामों के बाद चार महीने के अंतराल का उपयोग अपनी ताकत के अनुरूप शैक्षिक और व्यावसायिक मार्गों पर शोध करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नौकरी बाजार आज केवल स्नातकों को नहीं, बल्कि समस्या-समाधान क्षमता वाले छात्रों को महत्व देता है।
केनरा बैंक के डिवीजनल मैनेजर गोपी ने बताया कि छात्र पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल के माध्यम से स्व-पंजीकरण कर शैक्षिक ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। मेरिट कोटा में ₹7.5 लाख तक और प्रबंधन कोटा में ₹4 लाख तक का ऋण उपलब्ध है।
कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर एस. नरेंद्रकुमार ने एक प्रस्तुति के माध्यम से सीईटी-कॉमेडक चयन प्रक्रिया समझाई। कार्यक्रम में कॉलेज प्रवेश समिति के अध्यक्ष मोइनुद्दीन खान, सुरेंद्र और राष्ट्रीय शिक्षा समिति के जनसंपर्क अधिकारी सी.एम. नृपतुंग भी उपस्थित थे।
प्रभाव और पाठकों के लिए सुझाव
यह सत्र छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सही कोर्स चयन के महत्व को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि छात्र अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार ही कोर्स चुनें, न कि दबाव में। साथ ही, शैक्षिक ऋण की सुविधा के बारे में जानकारी होना भी लाभदायक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- सीईटी और कॉमेडक में क्या अंतर है? सीईटी कर्नाटक सरकार द्वारा आयोजित किया जाता है, जबकि कॉमेडक निजी कॉलेजों के लिए प्रवेश परीक्षा है।
- पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल क्या है? यह केंद्र सरकार का पोर्टल है जहां छात्र शैक्षिक ऋण के लिए स्व-पंजीकरण कर सकते हैं।
- कोर्स चुनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? छात्रों को अपनी रुचि, क्षमता और भविष्य की आकांक्षाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए और नवाचार एवं व्यावहारिक शिक्षा पर ध्यान देने वाले संस्थानों का चयन करना चाहिए।
स्रोत: www.thehindu.com