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Cbse स्कूलों में नैतिक मूल्यों की नई पाठशाला: किताबों से बाहर, जीवन में उतरते सबक

परिचय बेंगलुरु के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध स्कूलों ने इस शैक्षणिक वर्ष से नैतिक और मूल्य आधारित शिक्षा को किताबों से बाहर निकालकर व्यावहारिक जीवन में उतारने के लिए कई नई पहल…

परिचय

बेंगलुरु के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध स्कूलों ने इस शैक्षणिक वर्ष से नैतिक और मूल्य आधारित शिक्षा को किताबों से बाहर निकालकर व्यावहारिक जीवन में उतारने के लिए कई नई पहल शुरू की हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य बच्चों में सहानुभूति, करुणा और डिजिटल संतुलन जैसे गुणों को विकसित करना है।

मुख्य पहल

काइंडनेस टेबल: दयालुता को मिले पहचान

डीपीएस बंगलौर ईस्ट ने 'काइंडनेस टेबल' नामक एक अनूठी पहल शुरू की है। स्कूल की प्रमुख निधि चेरियन के अनुसार, इस पहल के तहत छात्रों को उनके दयालुता के कार्यों के लिए पूरे स्कूल समुदाय (शिक्षकों, हाउसकीपिंग स्टाफ, सुरक्षाकर्मियों और सहायक टीमों) द्वारा नामांकित किया जाता है। चयनित छात्रों को 'काइंडनेस इन एक्शन' बैज और स्कूल कैंटीन में प्रधानाचार्य के साथ भोजन का अवसर मिलता है।

रेस्टोरेटिव सर्कल: सजा नहीं, संवाद

सोमपुरा स्थित सांदीपनी अकादमी ऑफ एक्सीलेंस ने 'रेस्टोरेटिव सर्कल' शुरू किया है, जहां छात्र स्वयं शिक्षकों के मार्गदर्शन में व्यवहार संबंधी मुद्दों और विवादों को चर्चा के माध्यम से हल करते हैं। अकादमी की निदेशक लता एम. का कहना है कि सजा से केवल अस्थायी सुधार होता है, जबकि रेस्टोरेटिव प्रैक्टिसेज दीर्घकालिक परिवर्तन लाती हैं।

डिजिटल वेलनेस: स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण

इसी स्कूल ने डिजिटल वेलनेस फ्रेमवर्क भी लागू किया है, जिसमें अभिभावकों को भी शामिल किया जाता है ताकि घर पर भी अच्छी डिजिटल आदतें बनी रहें।

लाइफ स्किल्स का नया प्रारूप

नेशनल पब्लिक स्कूल ने लाइफ स्किल्स क्लासेस को नए रूप में पेश किया है। अब 40 मिनट के साप्ताहिक सत्रों में काउंसलरों द्वारा डिजाइन की गई व्यावहारिक गतिविधियां शामिल हैं, जिनमें सम्मान और निष्पक्षता जैसे मूल्यों पर जोर दिया जाता है। हाई स्कूल के छात्रों को केस स्टडीज भी दी जाती हैं।

प्रभाव और महत्व

ये पहल बच्चों में नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने में मदद करती हैं, साथ ही सामाजिक अलगाव और डिजिटल दुनिया के बढ़ते प्रभाव जैसी चिंताओं का समाधान भी करती हैं। स्कूलों का मानना है कि इस तरह के व्यावहारिक दृष्टिकोण से बच्चे लंबे समय तक इन मूल्यों को अपने जीवन में उतार पाएंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • काइंडनेस टेबल क्या है? यह DPS बंगलौर ईस्ट की एक पहल है जिसमें छात्रों को दयालुता के कार्यों के लिए नामांकित किया जाता है और उन्हें 'काइंडनेस इन एक्शन' बैज व स्कूल कैंटीन में प्रधानाचार्य के साथ भोजन का अवसर मिलता है।
  • रेस्टोरेटिव सर्कल कैसे काम करता है? यह छात्रों द्वारा संचालित एक प्रक्रिया है जिसमें वे आपसी विवादों को सजा के बजाय चर्चा के माध्यम से सुलझाते हैं, जिससे दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन होता है।
  • डिजिटल वेलनेस सत्रों में क्या शामिल है? इन सत्रों में छात्रों और अभिभावकों को स्क्रीन टाइम प्रबंधन और डिजिटल आदतों पर शिक्षित किया जाता है ताकि घर पर भी अच्छी प्रथाएं जारी रहें।
  • लाइफ स्किल्स क्लासेस का नया प्रारूप क्या है? पहले नैतिक विज्ञान को किताबों से पढ़ाया जाता था, अब 40 मिनट के साप्ताहिक सत्रों में व्यावहारिक गतिविधियों और केस स्टडीज के माध्यम से पढ़ाया जाता है।

स्रोत: www.thehindu.com

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