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वन्यजीव संरक्षण: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने चार अहम बैठकों की अध्यक्षता की

मुख्य बिंदु केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 21 मई को कोयंबटूर में वन्यजीव नीति और संरक्षण से जुड़ी चार महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता की। इन बैठकों में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड…

मुख्य बिंदु

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 21 मई को कोयंबटूर में वन्यजीव नीति और संरक्षण से जुड़ी चार महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता की। इन बैठकों में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (SC-NBWL) की स्थायी समिति, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण और वन्यजीव संस्थान भारत सोसायटी के सदस्य शामिल हुए।

बैठकों का विवरण

SC-NBWL की बैठक

स्थायी समिति ने 100 से अधिक प्रस्तावों की समीक्षा की, जिनमें सड़क, पुल, रक्षा बुनियादी ढांचा, पेयजल आपूर्ति और संचार टावर जैसी परियोजनाएं शामिल थीं। इन प्रस्तावों का मूल्यांकन पारिस्थितिक प्रभाव, सार्वजनिक कल्याण और राष्ट्रीय विकास के महत्व तथा वन्यजीवों और उनके आवासों के संरक्षण के लिए शमन उपायों की पर्याप्तता के आधार पर किया गया।

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण

बैठक के दौरान, यादव ने घोषणा की कि गुजरात के नलिया में 'जंपस्टार्ट' विधि से पैदा हुआ दूसरा ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) चूजा 40 दिनों की प्रारंभिक महत्वपूर्ण अवधि में जीवित रहने में सफल रहा है। इस विधि में कैप्टिव प्रजनन केंद्र से अंडा ले जाकर जंगल में एक मादा GIB के घोंसले में रखा जाता है, जो उसे सेती है और चूजे को पालती है। GIB एक गंभीर रूप से संकटग्रस्त पक्षी प्रजाति है, जो अब केवल राजस्थान और गुजरात तक सीमित है। राजस्थान के जैसलमेर जिले में दो कैप्टिव प्रजनन केंद्रों में इस विधि का उपयोग करके GIB को पुनः जंगल में छोड़ा जा रहा है।

पिग्मी हॉग संरक्षण

समिति ने पिग्मी हॉग प्रजाति को पर्यावरण मंत्रालय की प्रजाति पुनर्वास योजना में शामिल करने पर भी विचार किया। यह योजना विलुप्ति के खतरे का सामना कर रहे वन्यजीवों के लिए विशेष संरक्षण उपाय प्रदान करती है।

प्रस्तावों की संख्या

SC-NBWL की बैठक की कार्यसूची के अनुसार, कुल 118 प्रस्ताव सूचीबद्ध थे, जिनमें 24 रक्षा क्षेत्र की परियोजनाएं, 23 सड़क और पुल से संबंधित, 12 बिजली पारेषण लाइनें और अन्य शामिल थे।

प्रभाव और आगे की राह

इन बैठकों का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करना और विकास परियोजनाओं के पारिस्थितिक प्रभाव को कम करना है। ग्रेट इंडियन बस्टर्ड और पिग्मी हॉग जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जंपस्टार्ट विधि क्या है?

जंपस्टार्ट विधि में कैप्टिव प्रजनन केंद्र से अंडा ले जाकर जंगल में किसी मादा पक्षी के घोंसले में रख दिया जाता है, ताकि वह उसे सेए और चूजे को पाले।

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की वर्तमान स्थिति क्या है?

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजाति है, जो अब केवल राजस्थान और गुजरात में पाई जाती है।

पिग्मी हॉग क्या है?

पिग्मी हॉग एक लुप्तप्राय प्रजाति है, जिसे पर्यावरण मंत्रालय की प्रजाति पुनर्वास योजना में शामिल करने पर विचार किया गया।

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