मुख्य तथ्य
आंध्र प्रदेश सरकार ने सोमवार को गूगल के साथ एक संयुक्त कार्यबल (जॉइंट टास्क फोर्स) गठित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल गवर्नेंस परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाना है। यह निर्णय मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और गूगल एशिया-पैसिफिक के अध्यक्ष करण भाटिया के बीच सिंगापुर में हुई बैठक में लिया गया।
विस्तार से जानकारी
मुख्यमंत्री नायडू ने गूगल को राज्य के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में बड़ी भूमिका निभाने का निमंत्रण दिया। उन्होंने गूगल क्लाउड से AI-संचालित तकनीकों के माध्यम से सार्वजनिक सेवा वितरण को मजबूत करने और आंध्र प्रदेश के रियल-टाइम गवर्नेंस इकोसिस्टम का विस्तार करने में सहायता मांगी।
बैठक में AI स्किलिंग और क्लाउड सर्टिफिकेशन प्रोग्राम में सहयोग का प्रस्ताव रखा गया। राज्य सरकार विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग कॉलेजों में AI और क्लाउड कंप्यूटिंग सेंटर स्थापित कर रही है। मुख्यमंत्री ने गूगल को संजीवनी प्रोजेक्ट में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया, जो एक टेक्नोलॉजी-आधारित स्वास्थ्य सेवा पहल है।
नायडू ने नवीकरणीय ऊर्जा और हरित बुनियादी ढांचे में राज्य की तीव्र प्रगति पर प्रकाश डाला, जो डेटा सेंटर और अन्य ऊर्जा-गहन उद्योगों के लिए स्थायी बिजली प्रदान करेगा।
सिंगापुर में उच्च-स्तरीय बैठकें
अपनी दो दिवसीय यात्रा के पहले दिन, मुख्यमंत्री नायडू ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने प्रौद्योगिकी, शहरी विकास, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, शिक्षा, व्यापार और सतत विकास में सहयोग पर चर्चा की।
नायडू ने सिंगापुर से आंध्र प्रदेश के बागवानी और जलीय कृषि उत्पादों के आयात का अन्वेषण करने का आग्रह किया, विशेष रूप से प्राकृतिक खेती से उगाए गए उत्पादों का। उन्होंने कृषि उत्पादों के लिए प्रमाणन और ट्रेसेबिलिटी सिस्टम विकसित करने की जानकारी दी।
प्रधानमंत्री वोंग ने अमरावती के विकास में रुचि दिखाई और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, शैक्षणिक संस्थानों और शहरी विकास पहलों के बारे में जानकारी मांगी। नायडू ने बताया कि अमरावती को क्षेत्र के सबसे रहने योग्य और भविष्य-तैयार शहरी केंद्रों में से एक के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इसके बाद, नायडू ने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन के साथ आंध्र प्रदेश और सिंगापुर के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की। बैठक में सिंगापुर और आंध्र प्रदेश के बीच हवाई संपर्क में सुधार और विनिर्माण, सेवाओं, व्यापार और बुनियादी ढांचे में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
एक अन्य बैठक में, नायडू ने YCH लॉजिस्टिक्स ग्रुप के संचालन प्रमुख सुनील नांबियार से लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और औद्योगिक विकास के अवसरों पर चर्चा की। वार्ता आंध्र प्रदेश में एक विश्व स्तरीय, प्रौद्योगिकी-संचालित सप्लाई चेन सिटी स्थापित करने की संभावना पर केंद्रित थी।
मुख्यमंत्री ने UN-हैबिटेट की कार्यकारी निदेशक एनाक्लाउडिया रॉसबैक से भी मुलाकात की और संगठन को आंध्र प्रदेश में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने प्रस्तावित सुविधा के लिए भूमि आवंटित करने की इच्छा व्यक्त की और शहरी विकास और स्थिरता पहलों में संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के साथ व्यापक साझेदारी विकसित करने में रुचि दिखाई।
प्रभाव और आगे की राह
इस सहयोग से आंध्र प्रदेश में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और राज्य AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अग्रणी बन सकता है। सिंगापुर के साथ बैठकों से व्यापार, निवेश और तकनीकी साझेदारी के नए रास्ते खुलेंगे।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- आंध्र प्रदेश सरकार और गूगल के बीच जॉइंट टास्क फोर्स का गठन AI और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देगा।
- मुख्यमंत्री नायडू ने सिंगापुर में कई उच्च-स्तरीय बैठकें कीं, जिनमें प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शामिल थे।
- सहयोग से स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में लाभ होने की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आंध्र प्रदेश सरकार और गूगल के बीच क्या समझौता हुआ?
दोनों ने AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए एक जॉइंट टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया।
इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
आंध्र प्रदेश को AI, डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का भारत का प्रमुख केंद्र बनाना।
मुख्यमंत्री नायडू ने सिंगापुर में किन अन्य विषयों पर चर्चा की?
उन्होंने सिंगापुर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, शहरी विकास, कृषि निर्यात और लॉजिस्टिक्स पर बात की।
इस साझेदारी से आम नागरिकों को क्या लाभ होगा?
AI-आधारित सार्वजनिक सेवाओं में सुधार, रियल-टाइम गवर्नेंस का विस्तार, और स्वास्थ्य सेवाओं (संजीवनी प्रोजेक्ट) तक बेहतर पहुंच।
स्रोत: www.hindustantimes.com