मुख्य बातें
केरल के उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने शनिवार (13 जून, 2026) को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) दुनिया के लिए बड़े अवसर खोलेगी। उन्होंने TiE यंग एंटरप्रेन्योर्स (TYE) ग्लोबल समिट में यह बात कही।
AI का प्रभाव: ट्रैक्टर और कंप्यूटर जितना बड़ा
मंत्री रोजी एम. जॉन ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा, “AI द्वारा लाया गया परिवर्तन उन बदलावों के बराबर होगा जो ट्रैक्टर और कंप्यूटर ने समाज में लाए।” यह सम्मेलन केरल स्टार्टअप मिशन (KSUM) के डिजिटल हब में आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य छात्रों में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देना है।
नौकरियों का भविष्य
मंत्री ने चेतावनी दी कि आज की कई नौकरियां कल मौजूद नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज उन छात्रों की ओर देख रहे हैं जो नवाचार और नए विचार ला सकते हैं।
शिक्षा में उद्यमिता का एकीकरण
सांसद हिबी ईडन ने अपने मुख्य भाषण में शिक्षा प्रणाली में उद्यमिता को शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हर उद्यम नए सबक और सीखने के अनुभव प्रदान करता है।” यह कार्यक्रम TiE केरल चैप्टर और KSUM के सहयोग से आयोजित किया गया।
सम्मेलन का उद्देश्य
TYE ग्लोबल समिट का उद्देश्य युवाओं को उद्यमशीलता की ओर प्रेरित करना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। AI जैसी तकनीकों के बढ़ते प्रभाव के बीच, ऐसे आयोजन छात्रों को नए कौशल विकसित करने में मदद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
AI से समाज में कैसा बदलाव आएगा?
केरल के उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन के अनुसार, AI का प्रभाव ट्रैक्टर और कंप्यूटर के आविष्कार जितना क्रांतिकारी होगा। यह नए अवसर पैदा करेगा और कई पारंपरिक नौकरियों को खत्म कर सकता है।
TYE Global Summit क्या है?
यह TiE यंग एंटरप्रेन्योर्स द्वारा आयोजित एक वैश्विक शिखर सम्मेलन है, जिसका उद्देश्य छात्रों में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देना है। इसका आयोजन केरल स्टार्टअप मिशन के डिजिटल हब में किया गया।
शिक्षा में उद्यमिता को क्यों शामिल करना चाहिए?
सांसद हिबी ईडन ने कहा कि उद्यमिता को शिक्षा प्रणाली में शामिल करना आवश्यक है क्योंकि हर उद्यम नए सबक और सीखने के अनुभव प्रदान करता है। यह छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करेगा।