मुख्य तथ्य
भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने सोमवार को हैदराबाद के जिला कलेक्टर प्रियंका अला को एक ज्ञापन सौंपकर तिरुमुलगिरी के थिकट्टा में सर्वे नंबर 157/1 की 8 एकड़ सरकारी जमीन की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। यह जमीन अब लगभग 800 करोड़ रुपये की आंकी गई है।
विवरण
BRS के आधिकारिक प्रवक्ता मन्ने कृष्णांक ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में कहा कि यह आठ एकड़ जमीन ऐतिहासिक रूप से सरकारी (पोरम्बोक-सरकारी) भूमि के रूप में दर्ज है, जिसके रिकॉर्ड 1955 से मौजूद हैं। 1975-76 में भूमि अतिक्रमण कार्यवाही और कई अदालती मामलों में लगातार सरकार के हित को दर्शाया गया है।
हालांकि, यह जमीन दशकों से कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही का विषय रही है, जिसमें अदालतों और राजस्व अधिकारियों ने बार-बार निजी दावों को खारिज किया है। पिछले साल, कैंटोनमेंट कांग्रेस के विधायक श्री गणेश और मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कथित तौर पर इसी जमीन पर 6,000 इंदिराम्मा घरों के निर्माण का प्रस्ताव रखा था, इसे सार्वजनिक कल्याण के लिए सरकारी संपत्ति मानते हुए।
इसके बावजूद, जमीन अब कथित तौर पर निजी नियंत्रण में है और इसे बाड़ लगाकर घेर दिया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों में चिंता है। श्री कृष्णांक ने पूछा कि कैसे लगभग 800 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति सरकार के लंबे समय से चले आ रहे दावों को दरकिनार कर निजी कब्जे में जा सकती है।
प्रभाव और मांगें
BRS नेता ने जिला कलेक्टर से निम्नलिखित कार्रवाई का अनुरोध किया:
- जमीन के शीर्षक, वर्गीकरण, कब्जे और कानूनी स्थिति की तत्काल जांच
- सभी ऐतिहासिक राजस्व, सर्वेक्षण और कानूनी रिकॉर्ड की समीक्षा
- राजस्व, सर्वेक्षण और कानूनी अधिकारियों द्वारा संयुक्त सत्यापन
- सरकारी हितों की रक्षा और जहां आवश्यक हो, कानूनी कार्रवाई शुरू करना
- जमीन से जुड़ी किसी भी अनियमितता, अधिकार के दुरुपयोग या अनुचित प्रभाव की जांच
- सभी प्रासंगिक रिकॉर्ड और जांच निष्कर्षों का सार्वजनिक खुलासा
- प्रस्तावित 6,000 इंदिराम्मा घरों की परियोजना की स्थिति पर स्पष्टीकरण
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह मामला हैदराबाद में सरकारी भूमि की सुरक्षा और पारदर्शिता से जुड़ा है। BRS ने सरकारी संपत्तियों के संरक्षण और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है। इस घटनाक्रम से शहरी भूमि प्रबंधन और जनहित में सरकारी भूमि के उपयोग पर बहस छिड़ सकती है।
FAQ
BRS ने किस जमीन की रक्षा की मांग की है?
BRS ने हैदराबाद के तिरुमुलगिरी स्थित थिकट्टा में सर्वे नंबर 157/1 की 8 एकड़ सरकारी जमीन की रक्षा की मांग की है, जिसकी कीमत लगभग 800 करोड़ रुपये है।
इस जमीन पर क्या विवाद है?
यह जमीन ऐतिहासिक रूप से सरकारी (पोरम्बोक-सरकारी) भूमि है, लेकिन अब कथित तौर पर निजी नियंत्रण में है और इसे बाड़ लगाकर घेर दिया गया है।
BRS ने क्या कार्रवाई की मांग की है?
BRS ने जमीन के शीर्षक, वर्गीकरण, कब्जे और कानूनी स्थिति की तत्काल जांच, ऐतिहासिक रिकॉर्ड की समीक्षा, और सरकारी हितों की रक्षा के लिए कानूनी कार्रवाई की मांग की है।