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भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

प्रमुख तथ्य फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग…

प्रमुख तथ्य

फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। यूनियन ने सरकार से शिनास एंकरेज और ओमान आउटर पोर्ट लिमिट (OPL) क्षेत्रों में अत्यधिक सावधानी बरतने या इन क्षेत्रों से बचने की सलाह जारी करने का आग्रह किया है।

पत्र में उठाए गए मुद्दे

FSUI के अध्यक्ष बांकिम भारती और महासचिव मनोज यादव ने पत्र में कहा कि हाल के हमलों ने इस मार्ग पर वाणिज्यिक शिपिंग की अत्यधिक संवेदनशीलता को उजागर किया है। उन्होंने कहा, "भारतीय नाविक और समुद्री हित गंभीर जोखिम में हैं, जिसका भारत की ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार मार्गों और वाणिज्यिक जहाजों पर सेवारत हमारे नागरिकों की सुरक्षा पर संभावित प्रभाव पड़ सकता है।"

सुरक्षा उपायों की मांग

यूनियन ने सरकार से ओमान और अन्य क्षेत्रीय हितधारकों के साथ राजनयिक संपर्क बढ़ाने और मर्चेंट शिपिंग की बेहतर सुरक्षा के लिए समन्वित नौसेना या खुफिया सहायता उपायों पर विचार करने का अनुरोध किया। पत्र में कहा गया, "उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में संचालित या पारगमन करने वाले जहाजों के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता तंत्र प्रदान करें। भारतीय नाविकों की सुरक्षा और ऊर्जा आयात का निर्बाध प्रवाह राष्ट्रीय प्राथमिकता होनी चाहिए।"

खतरे के कारण

FSUI ने बताया कि ओमान का OPL क्षेत्र मर्चेंट जहाजों के लिए सबसे संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में से एक बन गया है, खासकर भारतीय या भारतीय हित वाले टैंकरों के लिए। क्षेत्र में सैन्य तनाव और संघर्ष-संबंधी गतिविधियों के कारण निम्नलिखित खतरे सामने आए हैं:

  • ईरानी मूल के तेल के परिवहन में शामिल जहाजों पर सीधे हमले
  • निगरानी और प्रवर्तन अभियान चलाने वाली नौसेना बलों की बढ़ी उपस्थिति
  • प्रतिबंध-संबंधी व्यापार में शामिल संदिग्ध जहाजों की रोकथाम, बोर्डिंग या हमले
  • जीपीएस सिग्नल में बार-बार रुकावट और संदिग्ध जीपीएस स्पूफिंग/हस्तक्षेप

मुआवजे की मांग

मनोज यादव ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते का स्वागत करते हुए मांग की कि अमेरिका मिसाइल हमले में मारे गए चार नाविकों के परिवारों को कम से कम 5 मिलियन डॉलर का मुआवजा दे। मृतकों में चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश, डेक कैडेट आदित्य शर्मा, फिटर शिवानंद चौरसिया और सेकंड ऑफिसर निशांत उरिथनाथन शामिल हैं, जिन्हें नाकाबंदी के कारण समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई थी।

FAQ

फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने पीएम मोदी को पत्र क्यों लिखा?

FSUI ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए तत्काल एडवाइजरी जारी करने की मांग की है।

किन क्षेत्रों को खतरनाक बताया गया है?

शिनास एंकरेज और ओमान आउटर पोर्ट लिमिट (OPL) क्षेत्र को अत्यधिक संवेदनशील और जोखिम भरा बताया गया है।

हाल ही में भारतीय जहाजों पर हमलों में कितने नाविक मारे गए?

चार भारतीय नाविकों की मौत हुई है, जिनमें चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश, डेक कैडेट आदित्य शर्मा, फिटर शिवानंद चौरसिया और सेकंड ऑफिसर निशांत उरिथनाथन शामिल हैं।

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