प्रमुख तथ्य
द हिंदू के पूर्व वरिष्ठ सहायक संपादक एम.वी. सुब्रह्मण्यम का सोमवार दोपहर हैदराबाद में हृदयाघात से निधन हो गया। वे 65 वर्ष के थे। परिवार के अनुसार, दोपहर के भोजन के बाद उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की और उन्हें मल्काजगिरी के एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। उपचार के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उन्होंने अंतिम सांस ली।
पत्रकारिता करियर
सुब्रह्मण्यम ने न्यूजटाइम में काम करने के बाद 1994 में द हिंदू में प्रवेश किया। उन्होंने कडप्पा जिले में लंबा कार्यकाल बिताया और 2018 में कर्नूल स्थानांतरित हो गए। 2021 में कर्नूल से सेवानिवृत्त होने के बाद वे हैदराबाद आ गए। तीन दशक से अधिक के अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने कडप्पा जिले के राजनेताओं, विशेषकर पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी और अन्य शीर्ष कांग्रेस नेताओं के साथ अच्छे संबंध बनाए। कर्नूल में भी उन्होंने राजनेताओं और नौकरशाहों के साथ समान संबंध बनाए रखे।
संघ गतिविधियाँ और श्रद्धांजलि
वे पत्रकार संघ गतिविधियों में सक्रिय थे और आंध्र प्रदेश यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स की कडप्पा इकाई के अध्यक्ष रहे। पत्रकार संघों ने उनके असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। उनके भाई के आने के बाद मंगलवार को अंतिम संस्कार किए जाने की संभावना है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
एम.वी. सुब्रह्मण्यम का निधन पत्रकारिता जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने अपने लंबे करियर में ईमानदारी और समर्पण के साथ काम किया। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एम.वी. सुब्रह्मण्यम कौन थे?
वे द हिंदू अखबार के पूर्व वरिष्ठ सहायक संपादक थे, जिन्होंने तीन दशक से अधिक समय तक पत्रकारिता की।
उनका निधन कैसे हुआ?
दोपहर के भोजन के बाद सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान हृदयाघात से उनकी मृत्यु हो गई।
उनके परिवार में कौन हैं?
वे अपनी बेटी मीनाक्षी को छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी कृष्णवेणी और बेटा हरीश का पहले ही निधन हो चुका था।