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केरल हाईकोर्ट ने काजू आयात घोटाले में cbi जांच की मंजूरी न देने पर सचिव को तलब किया

मुख्य तथ्य केरल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उद्योग सचिव ए.पी.एम. मोहम्मद हनीश की अपील खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने एकल न्यायाधीश के उन्हें अवमानना मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश को चुनौती…

मुख्य तथ्य

केरल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उद्योग सचिव ए.पी.एम. मोहम्मद हनीश की अपील खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने एकल न्यायाधीश के उन्हें अवमानना मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश को चुनौती दी थी। खंडपीठ ने हनीश को 19 जून को एकल पीठ के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला केरल राज्य काजू विकास निगम (KSCDC) द्वारा 2006 से 2015 के बीच कच्चे काजू के आयात में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। याचिकाकर्ता कडकम्पल्ली मनोज ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर CBI जांच की मांग की थी। राज्य सरकार ने तीन बार CBI जांच की मंजूरी देने से इनकार किया, जिसके बाद अदालत ने हस्तक्षेप किया।

अदालत की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान, खंडपीठ ने पूछा कि क्यों हनीश ने CBI जांच की मंजूरी नहीं दी, जबकि एकल न्यायाधीश ने पहले ही कहा था कि जांच के लिए प्रथम दृष्टया मामला बनता है। हनीश ने तर्क दिया कि उनका तबादला दूसरे विभाग में हो गया है, इसलिए वे निर्णय नहीं ले सकते। अदालत ने कहा कि वे समय मांग सकते हैं या नए सचिव को पक्षकार बनाने का अनुरोध कर सकते हैं।

प्रभाव और आगे की कार्रवाई

इस आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि अदालत CBI जांच में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगी। याचिकाकर्ता मनोज ने कहा कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब हनीश को 19 जून को एकल पीठ के समक्ष पेश होना होगा और अपने फैसले का बचाव करना होगा।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

  • यह मामला सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में पारदर्शिता और जवाबदेही को रेखांकित करता है।
  • CBI जांच की मंजूरी न देने पर अदालत द्वारा सचिव को तलब किया जाना एक मिसाल है।
  • इस घोटाले में INTUC नेता आर. चंद्रशेखरन और पूर्व MD पी.ए. रथीश के नाम शामिल हैं।

FAQ

केरल हाईकोर्ट ने उद्योग सचिव को क्यों तलब किया?

सचिव ए.पी.एम. मोहम्मद हनीश ने काजू निगम में कथित घोटाले की CBI जांच की मंजूरी देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद अदालत ने उन्हें अवमानना मामले में पेश होने का आदेश दिया।

काजू आयात घोटाला क्या है?

यह केरल राज्य काजू विकास निगम द्वारा 2006 से 2015 के बीच कच्चे काजू के आयात में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला है।

इस मामले में CBI जांच की मांग क्यों की गई?

याचिकाकर्ता का आरोप है कि निगम के पूर्व अध्यक्ष आर. चंद्रशेखरन और प्रबंध निदेशक पी.ए. रथीश ने काजू आयात में धोखाधड़ी की, जिसकी निष्पक्ष जांच के लिए CBI की आवश्यकता है।

स्रोत: www.thehindu.com

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