मुख्य तथ्य
भाजपा सांसद जगदीश शेट्टर ने शनिवार को बेलगावी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बेलगावी हमेशा कर्नाटक का अभिन्न अंग रहेगा, भले ही नगर निगम में कोई प्रस्ताव पारित हो या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा किसी भाषाई राजनीति में शामिल नहीं है।
विवरण
शेट्टर ने कहा कि वे बेलगावी नगर निगम परिषद में बेलगावी को कर्नाटक का अभिन्न अंग घोषित करने वाला प्रस्ताव पारित कराने के मुद्दे पर महापौर, उप महापौर और सदस्यों के साथ चर्चा करेंगे। नगर निगम ने इस संबंध में राज्य सरकार से राय मांगी है।
शेट्टर ने कहा, 'यहां कन्नड़िग और मराठी भाषी लोग सौहार्दपूर्वक रहते हैं और हम मराठी भाषी लोगों के वोटों के लिए कन्नड़िगों के हितों का बलिदान नहीं कर रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि मराठी भाषी लोग पाकिस्तान से नहीं बल्कि भारतीय हैं।
प्रभाव
शेट्टर के इस बयान से बेलगावी सीमा विवाद पर एक नई बहस छिड़ गई है। उन्होंने सभी से भाषा के आधार पर मतभेद नहीं बनाने और बेलगावी के विकास के लिए हाथ मिलाने की अपील की।
पाठकों को क्या जानना चाहिए
- बेलगावी सीमा विवाद कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच लंबे समय से चला आ रहा है।
- महाराष्ट्र का दावा है कि बेलगावी मराठी भाषी क्षेत्र है, जबकि कर्नाटक इसे अपना अभिन्न अंग मानता है।
- भाजपा सांसद के बयान से पार्टी की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होती है कि वह भाषाई राजनीति से दूर रहना चाहती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बेलगावी को लेकर विवाद क्या है?
बेलगावी सीमा विवाद कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच लंबे समय से चला आ रहा है। महाराष्ट्र का दावा है कि बेलगावी मराठी भाषी क्षेत्र है, जबकि कर्नाटक इसे अपना अभिन्न अंग मानता है।
जगदीश शेट्टर ने क्या कहा?
भाजपा सांसद जगदीश शेट्टर ने कहा कि बेलगावी हमेशा कर्नाटक का हिस्सा रहेगा, चाहे नगर निगम में कोई प्रस्ताव पारित हो या नहीं। उन्होंने भाषाई राजनीति से बचने की अपील की।
बेलगावी नगर निगम में क्या प्रस्ताव लाया जा रहा है?
बेलगावी नगर निगम में एक प्रस्ताव लाया जा रहा है जिसमें बेलगावी को कर्नाटक का अभिन्न अंग घोषित किया जाएगा। निगम ने इस पर राज्य सरकार से राय मांगी है।