मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का केंद्र पर तीखा हमला
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी से इस्तीफा मांगते हुए कहा कि वे तेलंगाना के हितों की रक्षा करने में विफल रहे हैं। यह बयान नई दिल्ली में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान आया।
पवन कल्याण को सभा की अनुमति न देने पर सफाई
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण को तेलंगाना गठन दिवस पर सार्वजनिक सभा की अनुमति न देने के मुद्दे पर सीएम रेड्डी ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह कानून-व्यवस्था के आधार पर लिया गया। उन्होंने कहा, “यदि खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर चिंता जताती हैं, तो सरकार को जिम्मेदारी से काम करना होता है।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि आंध्र प्रदेश सरकार ने भी पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी को कई बार कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए दौरे की अनुमति नहीं दी थी।
किशन रेड्डी पर फंड रोकने का आरोप
सीएम रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्रालयों को तेलंगाना को फंड जारी करने से रोकने के लिए व्यक्तिगत रूप से प्रभावित किया। उन्होंने दावा किया कि कई केंद्रीय मंत्रियों ने निजी तौर पर उन्हें यह बात बताई है। उन्होंने सवाल उठाया, “IRFC परियोजनाओं के लिए फंड क्यों नहीं जारी किए जा रहे? रीजनल रिंग रोड के लिए वित्तीय सहायता क्यों नहीं दी जा रही? तेलंगाना का प्रतिनिधित्व करने वाले केंद्रीय मंत्री के रूप में किशन रेड्डी इन मुद्दों को जोरदार तरीके से क्यों नहीं उठा रहे?” उन्होंने इसे बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव के निर्देशों का परिणाम बताया।
महाराष्ट्र से जमीन मामले में भाजपा पर निशाना
सीएम ने तेलंगाना की सिंचाई परियोजनाओं के लिए महाराष्ट्र से करीब 1,500 एकड़ जमीन के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा, “भाजपा महाराष्ट्र और केंद्र दोनों में सत्ता में है। यदि वे तेलंगाना के हितों के प्रति गंभीर हैं, तो इस मुद्दे को हल करने में असमर्थ क्यों हैं?”
मेट्रो रेल विस्तार में देरी पर राजनीतिक आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा के आंतरिक राजनीतिक विवादों के कारण तेलंगाना में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि मलकाजगिरी में प्रस्तावित मेट्रो रेल विस्तार, जिसका प्रतिनिधित्व भाजपा सांसद एटाला राजेंदर करते हैं, को इसलिए अवरुद्ध किया जा रहा है क्योंकि कुछ भाजपा नेता कांग्रेस सरकार को इस परियोजना का श्रेय नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा, “परियोजनाओं को इसलिए रोका जा रहा है क्योंकि कुछ नेता राजनीतिक श्रेय को सार्वजनिक कल्याण से अधिक महत्व देते हैं।” उन्होंने किशन रेड्डी को चेतावनी देते हुए कहा, “यदि वे तेलंगाना के हितों की रक्षा करने में असमर्थ हैं, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए और किसी और को जिम्मेदारी लेने देना चाहिए।”
जुलाई में होगी महाराष्ट्र सीएम से बातचीत
सीएम रेड्डी ने बताया कि जमीन मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के साथ चर्चा जुलाई में होने की उम्मीद है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
तेलंगाना के सीएम ने केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी पर क्या आरोप लगाए?
सीएम रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि किशन रेड्डी ने केंद्रीय मंत्रालयों को तेलंगाना को फंड जारी न करने के लिए प्रभावित किया और वे राज्य के हितों की रक्षा नहीं कर रहे।
पवन कल्याण को तेलंगाना में सभा की अनुमति क्यों नहीं दी गई?
सीएम ने कहा कि कानून-व्यवस्था की चिंताओं के कारण अनुमति नहीं दी गई, और यह फैसला जिम्मेदारी से लिया गया।
तेलंगाना सरकार ने केंद्र से किन परियोजनाओं के लिए फंड मांगा है?
सीएम ने IRFC परियोजनाओं और रीजनल रिंग रोड के लिए फंड जारी न करने पर सवाल उठाया।
मेट्रो रेल विस्तार में देरी का क्या कारण बताया गया?
सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा के आंतरिक विवादों के कारण मलकाजगिरी में मेट्रो रेल विस्तार अवरुद्ध किया जा रहा है।
स्रोत: www.thehindu.com