प्रमुख तथ्य
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार, 16 जून 2026 को दिल्ली, हरियाणा और गोवा में 11 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई ₹155.21 करोड़ के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई, जिसमें ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और कंसोर्टियम बैंकों को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
विस्तार से जानकारी
ED के चंडीगढ़ जोनल कार्यालय ने यह सर्च ऑपरेशन चलाया। ये ठिकाने अशोक मित्तल, सौरभ ढींगरा, भारत भूषण मित्तल, रमन सिंघल और अन्य से जुड़े बताए जा रहे हैं। मामला माहेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ जांच से संबंधित है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज प्राथमिकी (FIR) पर आधारित है। CBI ने माहेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशकों और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
कैसे हुआ धोखाधड़ी?
ED के अनुसार, आरोपियों ने विदेशी पत्र ऑफ क्रेडिट (FLCs) को अनधिकृत SWIFT संशोधनों के माध्यम से धोखाधड़ी से बढ़ाया, जबकि Finacle में कोई संगत प्रविष्टि नहीं की गई। इससे ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और कंसोर्टियम बैंकों को लगभग ₹155.21 करोड़ का नुकसान हुआ।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी मंगलवार सुबह से पुलिस के सहयोग से जारी है। यह कार्रवाई आरोपियों के खिलाफ प्राप्त इनपुट के आधार पर की गई। ED ने इस मामले में आगे की जांच जारी रखी है।
FAQ
ED ने कहाँ-कहाँ छापेमारी की?
ED ने दिल्ली, हरियाणा (करनाल) और गोवा में 11 ठिकानों पर छापेमारी की।
यह मामला किससे संबंधित है?
यह मामला माहेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों अशोक मित्तल, सौरभ ढींगरा, भारत भूषण मित्तल और रमन सिंघल से जुड़ा है।
बैंक को कितना नुकसान हुआ?
ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और कंसोर्टियम बैंकों को लगभग ₹155.21 करोड़ का नुकसान हुआ।
यह कार्रवाई किस एफआईआर के आधार पर हुई?
यह कार्रवाई सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई, जिसमें आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।