मुख्य बातें
DPIIT संयुक्त सचिव डॉ. काजल ने नागपुर में एक कार्यशाला में कहा कि विस्फोटक निर्माण प्रक्रियाओं में ऑटोमेशन लाकर सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। यह कदम हाल ही में नागपुर के काटोल तहसील में SBL एनर्जी लिमिटेड संयंत्र में हुए विस्फोट के मद्देनजर उठाया गया है, जिसमें 19 श्रमिकों की मौत और 23 घायल हुए थे।
विस्तार से जानकारी
डॉ. काजल ने बताया कि DPIIT और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) दोनों मिलकर सुरक्षा मानकों को सख्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि दोनों पक्ष - लाइसेंस धारक और नियामक - एक साथ प्रयास करें।'
ऑटोमेशन की दिशा में कदम
डॉ. काजल ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर शुरू किए गए हैं और पुराने इलेक्ट्रिक डेटोनेटर को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर से यह पता लगाया जा सकता है कि विस्फोट कहाँ और कब हुआ।'
FDI और स्टार्टअप इकोसिस्टम
डॉ. काजल ने बताया कि FY26 में भारत ने $95 बिलियन का रिकॉर्ड FDI प्रवाह दर्ज किया। उन्होंने कहा, 'यह निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है, और हमें उम्मीद है कि अगले वर्ष हम $100 बिलियन पार कर लेंगे।' स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत 2.23 लाख से अधिक स्टार्टअप मान्यता प्राप्त हैं, जिनमें 51% से अधिक टियर-II और III शहरों से हैं। इससे 23.36 लाख से अधिक नौकरियां सृजित हुई हैं।
औद्योगिक बुनियादी ढांचा
DPIIT ने भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत 100 निवेश-तैयार औद्योगिक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें ₹33,660 करोड़ का परिव्यय है। यह पीएम गतिशक्ति सिद्धांतों के अनुरूप है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह पहल विस्फोटक निर्माण उद्योग में सुरक्षा मानकों को बढ़ाने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए है। साथ ही, FDI और स्टार्टअप इकोसिस्टम में वृद्धि भारत की आर्थिक प्रगति को दर्शाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विस्फोटक निर्माण में ऑटोमेशन क्यों जरूरी है?
ऑटोमेशन से मानवीय त्रुटि कम होती है और दुर्घटनाओं की संभावना घटती है। DPIIT का मानना है कि महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को स्वचालित करके सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है।
FDI में कितनी वृद्धि हुई है?
FY26 में भारत ने $95 बिलियन का रिकॉर्ड FDI प्रवाह दर्ज किया, जो पिछले वर्ष $94 बिलियन से अधिक है। सरकार अगले वर्ष $100 बिलियन पार करने की उम्मीद करती है।
स्टार्टअप इंडिया पहल के क्या परिणाम हैं?
2.23 लाख से अधिक स्टार्टअप मान्यता प्राप्त हैं, जिनमें 51% से अधिक टियर-II और III शहरों से हैं। इससे 23.36 लाख से अधिक नौकरियां सृजित हुई हैं।