Desh Duniya | ईरान युद्ध

भारतीय शेयर बाजार में उछाल: सेंसेक्स 1600 अंक चढ़ा, निफ्टी 400 से अधिक ऊपर

मुख्य तथ्य भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को जबरदस्त उछाल दर्ज किया, जिसमें सेंसेक्स 1,658.34 अंक (2.25%) चढ़कर 75,490.89 पर और निफ्टी 441.65 अंक (1.91%) बढ़कर 23,603.25 पर बंद हुआ। यह तेजी ईरान युद्ध विराम…

मुख्य तथ्य

भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को जबरदस्त उछाल दर्ज किया, जिसमें सेंसेक्स 1,658.34 अंक (2.25%) चढ़कर 75,490.89 पर और निफ्टी 441.65 अंक (1.91%) बढ़कर 23,603.25 पर बंद हुआ। यह तेजी ईरान युद्ध विराम की उम्मीदों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण आई।

तेजी के पीछे के कारण

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक सफलता का दावा किया, जिससे निवेशकों ने भू-राजनीतिक जोखिमों को कम करके आंका। इसके परिणामस्वरूप वैश्विक बाजारों में तेजी आई और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 4% से अधिक गिरकर लगभग 86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी कच्चा तेल भी 4% से अधिक गिरा। भारत के लिए कच्चे तेल की कम कीमतें सकारात्मक हैं, क्योंकि देश अपनी अधिकांश कच्चे तेल की जरूरतों का आयात करता है।

बाजार का प्रदर्शन

सेंसेक्स ने 74,742.65 पर खुलकर 910.10 अंक की बढ़त दर्ज की, जबकि निफ्टी 23,432.70 पर खुला और 271.10 अंक ऊपर रहा। पूरे सत्र में तेजी बनी रही और बाजार ने 23,600 के स्तर को पार कर लिया।

वैश्विक बाजारों पर प्रभाव

भारतीय बाजारों की तेजी वैश्विक रुझानों के अनुरूप थी। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4.6%, जापान का निक्केई 2.8% और हांगकांग का हैंग सेंग 1.7% चढ़ा। यूरोपीय बाजार भी मजबूत रहे, जबकि वॉल स्ट्रीट में तकनीकी शेयरों के नेतृत्व में तेजी रही।

निवेशकों के लिए संदेश

यह रैली दर्शाती है कि भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों का भारतीय बाजार पर गहरा प्रभाव पड़ता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे वैश्विक घटनाओं पर नजर रखें और अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी तेजी आई? सेंसेक्स 1,658.34 अंक (2.25%) चढ़कर 75,490.89 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 441.65 अंक (1.91%) बढ़कर 23,603.25 पर पहुंच गया।
  • इस तेजी का मुख्य कारण क्या है? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक सफलता का दावा करने के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।
  • कच्चे तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा? ब्रेंट क्रूड 4% से अधिक गिरकर लगभग 86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों को राहत मिली।
  • अन्य वैश्विक बाजारों का प्रदर्शन कैसा रहा? एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4.6%, जापान का निक्केई 2.8% और हांगकांग का हैंग सेंग 1.7% चढ़ा। यूरोपीय बाजार भी मजबूत रहे और वॉल स्ट्रीट में तेजी रही।

स्रोत: www.hindustantimes.com

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